इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हुए घातक बम विस्फोट का आरोप भारत पर लगाया है। इस हमले में 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने इस घटना के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है।
पाकिस्तान इन दिनों चीनी परियोजनाओं (CPEC) को लेकर बढ़ते दबाव और बलूचिस्तान में लगातार हो रहे विद्रोही हमलों से जूझ रहा है। ऐसे में जाफर एक्सप्रेस पर हुए हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने भारत विरोधी बयानबाजी तेज कर दी है।
बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति बिगड़ी
रिपोर्ट्स के अनुसार, जाफर एक्सप्रेस पर हुए हमले के तुरंत बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर पश्चिमी सीमा क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने बिना किसी ठोस सबूत के दावा किया कि भारत पाकिस्तान के अंदर आतंकवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा और प्रायोजित कर रहा है।
उनके इस बयान को पाकिस्तानी मीडिया में प्रमुखता से जगह मिली। आर्मी चीफ ने बलूचिस्तान के विद्रोहियों को "फितना-ए-हिंदुस्तान" करार दिया।
पाकिस्तानी सेना की आक्रामक बयानबाजी
सीएनएन-न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी भी लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत के खिलाफ बयान दे रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तानी सेना के शीर्ष अधिकारियों में गहरी हताशा है। CPEC प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा में नाकामी और बलूच विद्रोहियों व तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के बढ़ते हमलों ने पाकिस्तानी सेना को दोहरी चुनौती दी है।
भारत विरोधी बयानबाजी की रणनीति
पाकिस्तानी सेना की यह बयानबाजी नई नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब भी पाकिस्तान के अंदर सुरक्षा या आर्थिक संकट गहराता है, तब भारत पर आरोप लगाकर जनता का ध्यान अंदरूनी मुद्दों से हटाने की कोशिश की जाती है।
इस बार भी जाफर एक्सप्रेस हमले के बाद पाकिस्तान ने भारत को निशाना बनाकर आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास किया है।


खबरें नहीं सच का प्रहार
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