नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी व आधुनिक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय कैबिनेट ने ‘सार्थक-पीडीएस फेज-2’ योजना के लिए 25,530 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राशन की कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाना और लाभार्थियों तक सही समय पर राशन पहुंचाना है।
सार्थक-पीडीएस फेज-2 की खासियतें
केंद्र सरकार की इस नई पहल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य आधुनिक तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। योजना के तहत राशन के परिवहन, भंडारण और वितरण की पूरी प्रक्रिया को स्वचालित (ऑटोमेटेड) बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का मानना है कि AI आधारित निगरानी से राशन की हेराफेरी और कालाबाजारी को काफी हद तक रोका जा सकेगा। इससे सही व्यक्ति तक उसका हक बिना किसी बिचौलिए या रुकावट के पहुंच सकेगा।
योजना से क्या होगा फायदा?
- राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनेगी।
- राशन की सप्लाई चेन पर रियल-टाइम निगरानी रहेगी।
- फर्जी लाभार्थियों और लीकेज को रोका जा सकेगा।
- पूरे देश में PDS व्यवस्था को और मजबूत और कुशल बनाया जाएगा।
यह फैसला उन लाखों गरीब परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भर हैं। सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल इंडिया के तहत राशन वितरण को पूरी तरह हाईटेक और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए।
काला बाजारी की शिकायतों पर लगेगी लगाम
सार्वजनिक वितरण प्रणाली देश के सबसे बड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों में से एक है, जिसके माध्यम से करोड़ों गरीब परिवारों को सस्ता अनाज उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि, पिछले कई वर्षों से इस व्यवस्था में लीकेज और कालाबाजारी की शिकायतें रही हैं।
‘सार्थक-पीडीएस फेज-2’ को इन्हीं समस्याओं को हल करने के लिए शुरू किया गया है।कैबिनेट द्वारा इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब कार्यान्वयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।


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