इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक डॉ. मिथिलेश उप्पल द्वारा पशुपालन एवं पशु स्वास्थ्य से संबंधित विषयों की विस्तृत एवं सरल जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पशु सखियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर ग्रामीण पशुपालकों की आय में वृद्धि, पशुधन संरक्षण तथा आजीविका संवर्धन में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन एवं बिहान के सहयोग से आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, पशुधन की बेहतर देखभाल तथा पशुपालकों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त पशु सखियाँ भविष्य में गांव-गांव पहुंचकर पशुपालकों को आवश्यक जानकारी एवं सहयोग प्रदान करेंगी, जिससे पशुपालन को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकेगा।
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दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत कार्यरत पशु सखियों के क्षमता विकास के लिए पशुधन स्वास्थ्य एवं विस्तार सेवाओं हेतु मान्यता प्राप्त अभिकर्ता (ए-हेल्प) कार्यक्रम के तहत 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का आयोजन भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), दंतेवाड़ा में किया जा रहा है। प्रशिक्षण में जिले की 30 पशु सखियाँ सहभागी बन रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पशु चिकित्सालय दंतेवाड़ा, कृषि विज्ञान केंद्र गीदम तथा टेकनार स्थित गौ संवर्धन केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान विशेषज्ञों ने पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, नियमित टीकाकरण, कृमिनाशन, बकरी एवं गौ-पालन, चारा उत्पादन एवं प्रबंधन तथा पशुओं में होने वाले सामान्य रोगों की पहचान एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। पशु सखियों ने विभिन्न इकाइयों का अवलोकन कर पशुपालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों एवं व्यवस्थाओं को निकट से समझा। साथ ही विशेषज्ञों के साथ संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया और ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तकनीकी ज्ञान अर्जित किया।
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