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वर्षो से किराये से रहने वाले किरायेदार ने मकान ना बेचने पर की मकान मालिक की हत्या

 

Murder

दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने रविवार को कोलकाता से एक कपल को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी घटना के तीन दिन बाद हुई है। प्रोफेसर की लाश गुरुवार को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित एक हाई-राइज सोसाइटी में मिली थी।

जॉइंट पुलिस कमिश्नर (ईस्टर्न रेंज) अजीत कुमार सिंगला ने इस मामले में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

गिरफ्तारी और घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, आरोपी कपल हत्या के इरादे से कोलकाता से दिल्ली आया था। बुधवार को प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या करने के बाद दोनों कोलकाता वापस चले गए। रविवार को कोलकाता में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और अब आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है।

मामले की जांच में पुलिस को पता चला कि हत्या का मुख्य मकसद संपत्ति से जुड़ा विवाद था।

हत्या का मकसद: पुश्तैनी संपत्ति विवाद

आरोपी कपल कोलकाता में प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की पुश्तैनी संपत्ति में किराएदार के रूप में कई सालों से रह रहे थे। वे उस संपत्ति को खरीदना चाहते थे। प्रोफेसर के माता-पिता और दो भाई-बहन दिल्ली में सेटल होने के कारण संपत्ति बेचने के पक्ष में थे, लेकिन देबोस्मिता पॉल इस फैसले के खिलाफ थीं।

पुलिस ने बताया कि आरोपी कपल प्रोफेसर को इस संपत्ति बिक्री की मुख्य बाधा मानता था। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद जब प्रोफेसर ने संपत्ति बेचने की अनुमति नहीं दी, तो आरोपी गुस्से में दिल्ली पहुंचे और बुधवार को उनकी हत्या कर दी।

मृतका की पहचान और चोट के निशान

देबोस्मिता पॉल दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम करती थीं। उन्हें वर्ष 2023 में स्थायी नौकरी मिली थी।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृतका के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। उनकी दोनों कलाइयां कटी हुई थीं और चेहरे व शरीर पर कई चोटों के निशान मिले, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि हत्या से पहले उनके साथ हाथापाई हुई थी।

पुलिस जांच जारी

पुलिस ने दोनों आरोपियों को दिल्ली लाकर विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। मामले की जांच के विभिन्न पहलुओं पर काम किया जा रहा है।

यह घटना दिल्ली विश्वविद्यालय समुदाय और आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी।

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