रायपुर/ रायपुर के क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास के लिए PPP मॉडल पर 25 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित। आधुनिक खेल, वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं विकसित होंगी।
रायपुर स्थित क्वींस क्लब ऑफ इंडिया PPP परियोजना को लेकर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने एक महत्वपूर्ण योजना प्रस्तावित की है। इस परियोजना के तहत क्लब के विकास, संचालन और रखरखाव के लिए लाइसेंस आधारित पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर एजेंसी नियुक्त की जाएगी। 03 जून 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य राजधानी रायपुर को आधुनिक हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस सुविधाओं से युक्त एक प्रमुख प्रीमियम डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है।
आधुनिक खेल और स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार
प्रस्तावित योजना के अंतर्गत क्लब परिसर में विभिन्न आधुनिक खेल एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास और संचालन किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
• स्क्वैश कोर्ट
• टेनिस कोर्ट
• जिम
• स्विमिंग पूल
• बैडमिंटन हॉल
• बिलियर्ड रूम
• टेबल टेनिस हॉल
इसके अलावा, क्लब की वर्तमान अधोसंरचना का व्यापक नवीनीकरण और आधुनिकीकरण भी किया जाएगा ताकि सदस्यों और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
25 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित होगा नया हॉस्पिटैलिटी ब्लॉक
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि परियोजना को लाइसेंस, डेवलप, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (LDOT) मॉडल के तहत क्रियान्वित किया जाएगा। योजना के अनुसार, क्लब की मौजूदा व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा।
इसके साथ ही टेनिस कोर्ट क्षेत्र के रिक्त भूभाग पर लगभग 61 कमरों वाला आधुनिक आवासीय एवं हॉस्पिटैलिटी ब्लॉक निर्मित किया जाएगा। इस पूरी परियोजना में करीब 25 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि इस निवेश से आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा तथा दीर्घकालिक राजस्व सृजन, आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।
108 विशेष सदस्यों की सदस्यता रहेगी जारी
वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्पष्ट किया कि क्वींस क्लब ऑफ इंडिया की विशेष आवास योजना के अंतर्गत सांसद एवं विधायक वर्ग के 108 सदस्यों की विशेष सदस्यता पूर्ववत जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि परियोजना के कार्यान्वयन के दौरान वर्तमान सदस्यों के हितों और सुविधाओं का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही यह पहल राज्य में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और शहरी अधोसंरचना विकास को नई गति देने में सहायक होगी।
20 वर्ष की लाइसेंस अवधि, 10 वर्ष विस्तार का प्रावधान
परियोजना की लाइसेंस अवधि 20 वर्ष निर्धारित की गई है। आवश्यकता के अनुसार इसमें अतिरिक्त 10 वर्ष तक विस्तार का प्रावधान भी रहेगा।
अनुराग सिंह देव के अनुसार, शहर के प्रमुख हिस्सों से उत्कृष्ट सड़क संपर्क और बेहतर कनेक्टिविटी इस परियोजना को निवेशकों एवं उपयोगकर्ताओं के लिए आकर्षक बनाएगी। इसके पूर्ण होने के बाद राजधानी रायपुर में उच्चस्तरीय आतिथ्य, खेल और स्वास्थ्य सुविधाओं का एक नया केंद्र विकसित होने की उम्मीद है।
नोट: परियोजना के संबंध में आगे की प्रशासनिक एवं निविदा प्रक्रियाओं के अनुसार अतिरिक्त जानकारी जारी की जा सकती है।


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