जानकारी के अनुसार बालिका की आयु 16 वर्ष तथा बालक की आयु 17 वर्ष पाई गई, जो कि विधि अनुसार विवाह के लिए निर्धारित आयु से कम है। टीम द्वारा दोनों पक्षों के परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा बच्चों के शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के संबंध में विस्तार से समझाइश दी गई। समझाइश के पश्चात दोनों परिवारों ने बाल विवाह नहीं कराने की सहमति व्यक्त की तथा इस संबंध में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने परिजनों से बच्चों की शिक्षा एवं समुचित विकास पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
इस दौरान परियोजना अधिकारी नरेश कुमार भोई, सेक्टर सुपरवाइजर सुश्री ऋषिका नेताम, ग्राम सरपंच, पंच, सचिव, चाइल्ड हेल्पलाइन से गोपीचंद एवं सुश्री भागेश्वरी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा ग्रामीणजन उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह की किसी भी सूचना की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन को दें, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बाल विवाह की जानकारी मिलते ही प्रशासन की कारवाई, दो नाबालिगों का रुकवाया गया विवाह
दंतेवाड़ा, ग्राम पंचायत मूचनार के पारा मूचनार कोडनार में प्रस्तावित बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारियों एवं ग्राम स्तरीय टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बालक-बालिका का विवाह रुकवाया गया।
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