दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय ने युवाओं को प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की है। मस्जिदों के इमामों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने इंस्टाग्राम, फेसबुक तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इस अपील को व्यापक रूप से प्रसारित किया।
समुदाय के लोग भावनाओं के साथ-साथ जिम्मेदारी और विवेकपूर्ण निर्णय पर जोर दे रहे हैं।
मस्जिदों से की गई सलाह
शाहीन बाग की एक मस्जिद के इमाम ने मुस्लिम युवाओं से प्रदर्शन में शामिल होने से पहले सोच-समझकर फैसला लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि भावनाएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन हर कदम जिम्मेदारी से उठाया जाना चाहिए।
बटला हाउस मस्जिद शहाब के इमाम अहमद ने कहा कि इस्लाम न्याय के लिए खड़ा होना सिखाता है, लेकिन अराजकता और अनावश्यक नुकसान से बचने की भी शिक्षा देता है।
सोशल मीडिया पर चेतावनी
एक कॉलेज छात्र अशरफ मसूद ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह दी। पिता ने कहा, “पहले करियर पर ध्यान दो, बाद में लोगों की मदद करना। हम मुसीबत को न्योता नहीं देंगे।”
सीजेपी प्रदर्शन और मांगें
शनिवार को अमेरिका से वापस लौटने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसमें करीब 7,000 लोगों ने भाग लिया।
पार्टी ने केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का ऐलान है कि अब इस आंदोलन को देश के अन्य शहरों में भी फैलाया जाएगा।
पिछले महीने ऑनलाइन अभियान के जरिए अस्तित्व में आई कॉकरोच जनता पार्टी ने पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को अपना प्रमुख मुद्दा बनाया है। वर्तमान में पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 22 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं।
समुदाय की सतर्कता
मुस्लिम समुदाय के विभिन्न तबकों से लगातार यह अपील की जा रही है कि युवा अपनी पढ़ाई और भविष्य को प्राथमिकता दें तथा किसी भी प्रकार की अराजक गतिविधि से स्वयं को बचाकर रखें।

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