नाराज युवक ने कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेकर बदला लिया। उसने युवती की मूल तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी हनीमून फोटो तैयार किए और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
AI से तैयार फर्जी सामग्री
आरोपी ने युवती के साथ हनीमून की फेक तस्वीरें बनाईं और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से उन्हें अपलोड किया। इसके अलावा उसने युवती के साथ एडिटेड फोटो व्हाट्सएप स्टेटस पर भी लगाए।
सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह रही कि आरोपी ने AI की मदद से फर्जी गोदभराई (बेबी शावर) का इनविटेशन कार्ड तैयार करवाया और उसे पूरे इलाके में बांट दिया। इससे युवती और उसके परिवार की छवि गंभीर रूप से प्रभावित हुई।
500 टैक्सियों से बढ़ाई परेशानी
पीड़िता के परिवार के अनुसार, आरोपी ने करीब 500 टैक्सियां बुक कर युवती के घर के सामने भिजवा दीं। इससे परिवार को अनावश्यक टैक्सी किराया चुकाना पड़ा और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
युवती ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत भोपाल पुलिस में दर्ज कराई है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस का बयान
भोपाल के एडीसीपी शैलेंद्र सिंह ने मामले पर कहा कि यदि आरोपी इन आरोपों में दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर तस्वीर या वीडियो वास्तविक नहीं होती। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीक का दुरुपयोग कर किसी की प्रतिष्ठा को आसानी से नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
बढ़ती चिंता
यह मामला मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और सोशल मीडिया के दुरुपयोग की बढ़ती समस्या को उजागर करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, AI टूल्स से फोटो और वीडियो बनाना अब इतना आसान हो गया है कि आम नागरिक भी आसानी से शिकार बन सकते हैं।
पुलिस इस मामले में आईटी एक्ट, साइबर अपराध और संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है।

खबरें नहीं सच का प्रहार
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