अलर्ट वाले जिले और खतरा
मौसम विभाग ने नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में मेघ गर्जन व वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।
बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां ज्यादा रहने की संभावना है। विभाग ने लोगों को खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। अचानक तेज हवाओं से बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम बदलने के कारण
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय द्रोणिका प्रणाली के कारण प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। गुरुवार को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बस्तर संभाग में बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया।
रायपुर में दिनभर उमस और गर्मी बनी रही। अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से अधिक है। शाम के समय मैदानी इलाकों में भी आंधी-बारिश का असर देखा गया।
मानसून की प्रगति
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अगले चार से पांच दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। पंजाब से बिहार तक बनी द्रोणिका और पूर्वी विदर्भ से दक्षिण भारत तक फैले मौसम प्रणाली के प्रभाव से बादलों की सक्रियता बढ़ी हुई है।
यदि मौजूदा स्थिति बनी रही तो जून के अंतिम सप्ताह तक प्रदेश में अच्छी बारिश शुरू होने की उम्मीद है। बस्तर से सरगुजा और रायपुर संभाग तक मौसम का यह प्रभाव दिखाई दे रहा है।
सावधानी की अपील
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खेतों में काम कर रहे किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए।
विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

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