पारिवारिक मित्र को 'मामा' बुलाने के विवाद पर दी सफाई
हाल ही में उनके पुत्र का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने अपनी मां पर कई व्यक्तिगत आरोप लगाए थे। बच्चे ने कहा था कि उसकी मां उसे एक पारिवारिक मित्र प्रेम प्रकाश जायसवाल को 'मामा' कहने के लिए दबाव डालती थीं। इन आरोपों का जवाब देते हुए बीपीएससी शिक्षिका गुंजन कुमारी ने एक डिजिटल मीडिया चैनल से बातचीत में कहा, "यदि कोई परिचित या पारिवारिक मित्र घर आता है, तो एक शिष्ट मां के नाते मैं अपने बच्चे से उन्हें आदरपूर्वक 'मामा' ही कहलवाऊंगी। अगर मैं उन्हें मामा नहीं बुलाने को कहती, तो क्या 'पापा' बोलने के लिए कहती?" उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों को बड़ों का सम्मान करना सिखाना हर मां का कर्तव्य है और उन्होंने भी केवल संस्कारी आचरण के तहत ही बच्चे को निर्देशित किया था।
पति अमन कुमार पर लगाया बच्चे को सिखाने का आरोप
शिक्षिका गुंजन कुमारी ने अपने पति अमन कुमार पर सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पुत्र को बहला-फुसलाकर और सिखा-पढ़ाकर मीडिया के समक्ष लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमन कुमार जानबूझकर बच्चे से ऐसे मनगढ़ंत बयान दिलवा रहे हैं ताकि कानूनी और सामाजिक रूप से गुंजन को गलत साबित किया जा सके। सुपौल में ठहरने के दौरान बच्चे द्वारा लगाए गए अन्य संवेदनशील आरोपों पर बात करते हुए शिक्षिका ने कहा कि इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है और यह पूरी तरह से चरित्र हनन का प्रयास है।
कार्यस्थल पर मेलजोल और व्यक्तिगत जीवन में अंतर
गुंजन कुमारी ने अपनी व्यक्तिगत जिंदगी में किसी अन्य पुरुष की उपस्थिति के दावों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि किसी महिला के जीवन में कोई पुरुष मित्र होना और किसी सहकर्मी या मित्र के साथ पेशेवर काम के सिलसिले में मिलना-जुलना, दो बिल्कुल अलग बातें होती हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पति के पास इन आरोपों के संबंध में कोई भी पुख्ता सबूत हैं, तो वे उन्हें सबके सामने पेश करें। केवल झूठे दावे करने से हकीकत नहीं बदल जाती।
न्यायालय में विचाराधीन है पारिवारिक विवाद
उल्लेखनीय है कि शिक्षिका गुंजन कुमारी के पति अमन कुमार ने उन पर अपने मित्र प्रेम प्रकाश जायसवाल के कारण वैवाहिक संबंधों की अनदेखी करने और परिवार छोड़ने का आरोप लगाया है। इस समय दोनों पक्षों के बीच का यह विवाद कानूनी रूप ले चुका है और मामला संबंधित न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट की कार्यवाही के बीच इस तरह के बयानों और पारिवारिक कलह के सार्वजनिक होने से यह मामला लगातार प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नोट: यह समाचार रिपोर्ट दोनों पक्षों द्वारा मीडिया में दिए गए बयानों और वर्तमान में जारी न्यायिक प्रक्रिया पर आधारित है। न्यायालय का अंतिम निर्णय आने तक किसी भी पक्ष पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती।

खबरें नहीं सच का प्रहार
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