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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद से एक पुलिसकर्मी द्वारा अपनी पहली पत्नी की मौजूदगी में कानूनन दूसरी शादी रचाने और परिवार की प्रताड़ना का मामला सामने आया है। पुलिस लाइन गाजियाबाद में कार्यरत एक सिपाही पर उसकी पत्नी ने मारपीट करने, बिना सहमति के दूसरा विवाह करने और बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी न उठाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर स्थानीय पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।

16 वर्ष पूर्व हुआ था विवाह, बिना सहमति के रचाई दूसरी शादी

शिकायतकर्ता महिला सरिता सिरोही के अनुसार, उनका विवाह लगभग 16 साल पहले बुलंदशहर जिले के अगौता थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर गांव के निवासी दीपक सिरोही के साथ संपन्न हुआ था। इस वैवाहिक संबंध से उनके दो बच्चे भी हैं, जिनकी आयु वर्तमान में क्रमशः 15 वर्ष और 12 वर्ष है। पीड़िता का आरोप है कि उसके पति दीपक सिरोही ने ससुराल पक्ष के सदस्यों के साथ मिलकर उसकी बिना किसी जानकारी, अनुमति या कानूनी सहमति के चोरी-छिपे दूसरा विवाह कर लिया।

विरोध करने पर प्रताड़ना, ससुराल पक्ष के 7 लोगों पर केस दर्ज

प्राप्त शिकायत के मुताबिक, जब पीड़िता को इस दूसरी शादी की भनक लगी और उसने इसका कड़ा विरोध किया, तो उसके साथ गाली-गलौज करते हुए शारीरिक रूप से मारपीट की गई। सरिता सिरोही का आरोप है कि आरोपियों ने उसे जबरन घर से बाहर निकाल दिया और दोबारा शिकायत करने या विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।

महिला ने इस मामले में अपने पति के साथ-साथ ससुराल के अन्य जिम्मेदार सदस्यों को भी नामजद किया है, जिनमें शामिल हैं:

  • ससुर सरन कुमार सिरोही और सास मुन्नी देवी

  • देवर प्रवेश सिरोही और देवरानी बेबी

  • रिश्तेदार रूपेश सिरोही और रूबी

आरोप है कि इन सभी लोगों ने मिलकर पीड़िता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया और दूसरी शादी को स्वीकार करने का अनुचित दबाव बनाया।

पुलिसिया रसूख का डर और अधिकारियों का आश्वासन

पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी रेखांकित किया है कि उसका पति वर्तमान में दूसरी महिला के साथ निवास कर रहा है और उसने सरिता व दोनों बच्चों को जीवन-यापन के लिए कोई भी आर्थिक सहायता या खर्च देना पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके साथ ही, आरोपी पति द्वारा पुलिस विभाग में होने का धौंस दिखाकर महिला को कानूनी कार्रवाई न करने के लिए लगातार डराया-धमकाया जा रहा था।

इस पूरे प्रकरण पर गाजियाबाद के डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों को संज्ञान में लेते हुए केस पंजीकृत कर लिया गया है। विभाग द्वारा निष्पक्षता से जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध शीघ्र ही कठोर और दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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