सरकार ने UCC का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति पूरे राज्य में सामाजिक-आर्थिक हालात का सर्वेक्षण करेगी।
समिति का गठन और सदस्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। अन्य चार सदस्यों में शामिल हैं:
- रिटायर्ड आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह
- एम.के. राउत
- वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार
- रिटायर्ड प्राचार्य ज्योति रानी सिंह
सरकार का कहना है कि समिति राज्य के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर UCC लागू करने की रूपरेखा तैयार करेगी।
सीएम और गृहमंत्री का बयान
गृहमंत्री विजय शर्मा ने उन लोगों पर चेतावनी देते हुए कहा कि जो UCC को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक पहचान और अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। UCC लागू होने के बाद भी आदिवासी समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक व्यवस्थाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
UCC क्या है?
समान नागरिक संहिता (UCC) एक प्रस्तावित कानून है। इसका उद्देश्य धर्म, जाति या लिंग की परवाह किए बिना सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, विरासत, संपत्ति बंटवारा और बच्चा गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान नियम लागू करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी UCC के सर्वे और अन्य प्रारंभिक कार्य चल रहे हैं। इसे राज्य में कब तक लागू किया जाएगा, इसकी कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं की गई है।
आगे की प्रक्रिया
समिति राज्य भर में व्यापक consultation और सर्वेक्षण के बाद अपना रिपोर्ट और ड्राफ्ट तैयार करेगी। सरकार का लक्ष्य है कि UCC राज्य की विविधता का सम्मान करते हुए समानता और न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करे।
यह प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। समिति की रिपोर्ट और ड्राफ्ट के आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

खबरें नहीं सच का प्रहार
0 Comments