8 जून को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में यह विवाद सामने आया। बैठक के दौरान वामपंथी नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सत्ता में रहते हुए माकपा और भाजपा के बीच अंदरूनी समझौता था।
बेबी का जवाब
एम.ए. बेबी ने स्पष्ट किया कि कोई भी राहुल गांधी से पिनराई विजयन को गले लगाने की मांग नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम केवल इतना चाहते हैं कि वे पिनराई विजयन और विपक्ष के अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की मांग करके ईडी तथा मोदी सरकार की मदद करना बंद करें। यह विपक्ष के नेता का काम नहीं है।”
बेबी की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी की उस टिप्पणी के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजनीतिक लड़ाई के कारण वे विजयन को गले नहीं लगा सकते।
पिनराई विजयन की प्रतिक्रिया
पिनराई विजयन ने भी राहुल गांधी के राजनीतिक तरीके पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल का यह अंदाज गठबंधन को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर करता है और अक्सर भाजपा को फायदा पहुंचाता है। विजयन ने यह भी याद दिलाया कि सबने राहुल गांधी को नरेंद्र मोदी को गले लगाते हुए देखा है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद 8 जून की INDIA ब्लॉक बैठक के दौरान शुरू हुआ। वामपंथी दलों ने केरल विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर नाराजगी जताई। माकपा का कहना है कि विपक्षी एकता को बनाए रखने के लिए ऐसे बयानों से बचना चाहिए।
पुलिस या जांच एजेंसियों से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी की टिप्पणियों को माकपा विपक्ष की एकता के लिए हानिकारक मानती है। एम.ए. बेबी ने जोर दिया कि विपक्ष को सरकार की मदद करने वाले बयानों से दूर रहना चाहिए।

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