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सैफ अली खान को नवाब भोपाल की मूल संपत्ति के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग, शत्रु संपत्ति जांच में उठा सवाल

 


भोपाल। नवाब भोपाल की शत्रु संपत्ति प्रकरण में अभिनेता सैफ अली खान समेत पूरे परिवार से 1949 के मूल दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की गई है। भारत सरकार द्वारा जारी नोटिस और हाईकोर्ट जबलपुर के हालिया फैसले के बाद इस मामले में नई बहस छिड़ गई है।

समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने भोपाल में एडीएम सुमित कुमार पांडे को ज्ञापन सौंपते हुए सैफ अली खान, शर्मिला टैगोर (पटौदी), सबाह अली खान, सोहा अली खान और सबीहा सुल्तान से संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की अपील की है।

मूल दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग

अग्निहोत्री ने मांगा है कि निम्नलिखित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं:

  • 29 अप्रैल 1949 को तत्कालीन अधिकारी वीपी मेनन द्वारा हस्ताक्षरित नवाब भोपाल की निजी संपत्तियों का मूल नक्शा
  • 30 अप्रैल 1949 का मूल मर्जर एग्रीमेंट
  • 1 जून 1949 से पहले तैयार की गई नवाब भोपाल की व्यक्तिगत संपत्तियों की मूल सूची

उनका कहना है कि ये दस्तावेज भोपाल रियासत की शत्रु संपत्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और निष्पक्ष जांच के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

शत्रु संपत्ति मामले की पृष्ठभूमि

भारत सरकार ने शत्रु संपत्ति प्रकरण में सैफ अली खान और उनके परिवार को नवाब भोपाल की संपत्तियों के परिवारजनों के रूप में मानते हुए नोटिस जारी किए थे। इसके जवाब में सभी सदस्यों ने हाईकोर्ट जबलपुर में भारत सरकार और मध्यप्रदेश शासन को पक्षकार बनाकर याचिकाएं दायर की थीं।

कस्टोडियन विभाग ने वर्ष 2014 और 2015 में सैफ अली खान को नोटिस जारी किए थे। इस मामले पर हाईकोर्ट जबलपुर ने 13 दिसंबर 2024 को फैसला सुनाते हुए भारत सरकार के पक्ष में आदेश दिया था।

जांच की पारदर्शिता पर जोर

इस मांग के केंद्र में भोपाल रियासत की संपत्तियों की सही प्रकृति और उनके वर्गीकरण को लेकर स्पष्टता लाना है। समाजसेवी अग्निहोत्री का मानना है कि मूल दस्तावेजों के बिना मामले की पूरी तस्वीर सामने नहीं आ सकती।

वर्तमान में यह मुद्दा न केवल कानूनी दृष्टि से बल्कि ऐतिहासिक और प्रशासनिक महत्व भी रखता है। दस्तावेजों के सार्वजनिक होने से विवाद की जड़ तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

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