बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त राजस्व प्रकरणों एवं उनके निराकरण की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बताया कि इन कार्यों की प्रदेश स्तर पर भी नियमित निगरानी की जा रही है। कलेक्टर ने डिजिटल किसान किताब के अद्यतन कार्य की समीक्षा करते हुए रिकॉर्ड अपडेट करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, कोटवारी सेवा भूमि के रिकॉर्ड दुरुस्ती, राजस्व अभिलेख अद्यतीकरण, वन अधिकार अंतर्गत फौती नामांतरण, खाता विभाजन एवं रिकॉर्ड दुरुस्ती कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने लंबित प्रकरणों के निराकरण में विशेष ध्यान देने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नामांतरण, बटांकन, राजस्व सर्वेक्षण, नजूल नवीनीकरण, स्वामित्व योजना, नारंगी भूमि सर्वे, आरबीसी 6-4, शासकीय विभागों को भूमि आवंटन, ई-कोर्ट में निराकृत प्रकरणों की प्रविष्टि, एक वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व प्रकरणों तथा मिसल-खसरा मिलान, एग्रीस्टैक, पीएम किसान सम्मान निधि तथा अन्य कृषक हितैषी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को कार्ययोजना तैयार कर लंबित प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी राजस्व अधिकारी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। बैठक में सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित थे।

खबरें नहीं सच का प्रहार
0 Comments