जयप्रकाश रायगढ़ से घरघोड़ा की ओर बाइक से जा रहे थे। क्षतिग्रस्त पुल पर उनका संतुलन बिगड़ गया और वे बाइक समेत नीचे गिर पड़े। सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। मृतक ग्राम पाकुट, थाना लैलूंगा का निवासी था।
सड़क और पुल की बदहाल स्थिति
कोविड महामारी के बाद निर्मित इस सड़क पर पुलों की स्थिति लगभग वैसी ही बनी हुई है। 2010-11 में केलो डेम निर्माण के दौरान बने एप्रोच रोड और पुल अब जर्जर हो चुके हैं। चिरईपानी पुल संकरा है, इसके प्रोटेक्टर वॉल टूट चुके हैं और दोनों तरफ सरिया बाहर निकला हुआ है।
क्षेत्र के लोगों के अनुसार, गेरवानी की ओर से रायगढ़ आने वाले वाहनों को इस पुल पर सबसे अधिक परेशानी होती है। चिरईपानी से रिंकू ढाबा के बीच का लगभग 1 किलोमीटर लंबा हिस्सा विशेष रूप से दुर्घटनाप्रवण बन गया है।
लगातार हो रहे हादसे
बीते डेढ़ साल में इस 1 किलोमीटर खंड में 7 हादसे हो चुके हैं, जिनमें 4 बड़े और 3 मामूली शामिल हैं। इन हादसों में 3 लोगों की मौत हो चुकी है। ज्यादातर दुर्घटनाएं चिरईपानी पुल के आसपास ही हुई हैं।
इससे पहले भी एक ट्रेलर इसी पुल पर गिर चुका था, उस समय गनीमत से कोई जनहानि नहीं हुई थी। इसके बावजूद सड़क सुरक्षा विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। संकेतक बोर्ड, बैरियर या अन्य सुरक्षा उपाय अभी तक नहीं लगाए गए हैं।
क्षेत्रवासियों की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के समय पुलों की मरम्मत और चौड़ीकरण पर ध्यान नहीं दिया गया। टूटे शोल्डर, गड्ढे और जर्जर पुल नियमित हादसों का कारण बन रहे हैं। उन्होंने तत्काल मरम्मत कार्य, पुलों के सुदृढ़ीकरण और उचित सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

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