MP/ मध्य प्रदेश के रीवा जिले से इंसानियत और कानून को ठेंगा दिखाने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ की गुढ़ थाना पुलिस ने शव वाहन (Ambulance) के जरिए मवेशियों की चोरी और तस्करी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अवैध धंधे के मास्टरमाइंड, जो कि खुद शव वाहन का चालक (पायलट) है, समेत तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह शव वाहन का इस्तेमाल शवों या मरीजों को ले जाने के बजाय बकरा-बकरियों को चुराकर एक जगह से दूसरी जगह सप्लाई करने के लिए कर रहा था।
शव वाहन बना तस्करी का जरिया
गुढ़ पुलिस के मुताबिक, यह कोई सामान्य चोरी का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा संगठित गिरोह काम कर रहा था। आरोपी कानून और पुलिस की नजरों से बचने के लिए शव वाहन का सहारा लेते थे। इस एम्बुलेंसनुमा वाहन पर आमतौर पर किसी को शक नहीं होता था, जिसका फायदा उठाकर ये लोग ग्रामीण इलाकों से बकरा-बकरी चोरी करते थे और उन्हें गाड़ी में लादकर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा देते थे।
वाहन का पायलट ही निकला मास्टरमाइंड
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा इसके मुख्य सूत्रधार को लेकर हुआ है। इस गिरोह को कोई और नहीं, बल्कि शव वाहन का आधिकारिक चालक ही संचालित कर रहा था। वही तय करता था कि किस इलाके से मवेशियों को उठाना है और कहाँ ठिकाने लगाना है। पुलिस की मुस्तैदी के कारण इस गिरोह के मंसूबों पर पानी फिर गया।
तीन आरोपी हिरासत में, अन्य की तलाश जारी
गुढ़ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाल बिछाया और मुख्य सरगना (चालक) सहित गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के मवेशी और वारदात में इस्तेमाल होने वाले शव वाहन को भी जब्त कर लिया है। पूछताछ के दौरान गिरोह में कुछ अन्य लोगों के शामिल होने की बात भी सामने आई है।
पुलिसिया कार्रवाई: रीवा की गुढ़ पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से सघन पूछताछ की जा रही है। इस रैकेट से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।


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