मामले में कई महीने बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे स्थानीय समाज में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
मुख्य आरोपी अभी भी फरार, पुलिस निष्क्रिय
समिति ने आरोप लगाया कि घटना को काफी समय हो चुका है, लेकिन मुख्य आरोपी छविनाथ डोंगरे (सहायक कार्यक्रम समन्वयक) और शैलेष वासम (तकनीकी सहायक) अब भी बिना किसी रोक-टोक के घूम रहे हैं।
समिति का कहना है कि दोनों आरोपी अपने परिवार और कार्यालय के संपर्क में हैं, फिर भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में पूरी तरह विफल रही है। इससे समाज के विभिन्न वर्गों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
न्यायालय के आदेश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
ज्ञापन में बताया गया कि पहले भी कई बार प्रशासन को इस मामले से अवगत कराया गया था। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपियों के खिलाफ नोटिस चस्पा किए गए थे और निर्धारित समय में उपस्थित न होने पर संपत्ति कुर्की की चेतावनी भी दी गई थी।
इसके बावजूद अब तक दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
विभागीय स्तर पर भी अनुपस्थिति पर कोई कार्रवाई नहीं
समिति ने यह भी मुद्दा उठाया कि दोनों आरोपी लंबे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे हैं। बावजूद इसके संबंधित विभाग ने न तो उनकी सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू की है और न ही कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
समिति ने छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में विभागीय जांच और कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसे लागू नहीं किया जा रहा है।
कलेक्टर से मांग, आंदोलन की चेतावनी
तेलंगा समाज समिति ने कलेक्टर से मांग की है कि आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए। साथ ही विभागीय जांच कर नियमों के अनुसार सेवा समाप्ति की प्रक्रिया भी पूरी की जाए।
समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो समाज को व्यापक जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
कलेक्टर का आश्वासन
बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप ने बताया कि उन्हें आज ही ज्ञापन प्राप्त हुआ है। मामले को समय-सीमा की बैठक में रखा गया है और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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