हादसा नहीं सोची-समझी हत्या
बाड़मेर के गरल गांव के रहने वाले चार बच्चों के पिता तेजा राम भील का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक टांके के भीतर पाया गया था। इस घटना के बाद से ही स्थानीय क्षेत्र में दहशत का माहौल था। प्रथम दृष्टया मामला हादसे या आत्महत्या के बीच उलझा हुआ प्रतीत हो रहा था। हालांकि, पुलिस ने जब वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तफ्तीश आगे बढ़ाई, तो परतें खुलती चली गईं।
अवैध संबंध और जानलेवा साजिश
पुलिसिया पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि मृतक तेजा राम की पत्नी नेतल और गुमान सिंह नामक व्यक्ति के बीच प्रेम संबंध चल रहे थे। दोनों के इस रिश्ते में तेजा राम बाधक बन रहा था, जिसके चलते उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया गया। योजना के मुताबिक, वारदात के दिन पहले तेजा राम को अत्यधिक शराब पिलाई गई। जब वह पूरी तरह नशे की हालत में आ गया, तो दोनों आरोपियों ने मिलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की।
साक्ष्य मिटाने का प्रयास और गिरफ्तारी
टांके में फेंका: मारपीट के कारण जब तेजा राम अचेत (बेहोश) हो गया, तो साक्ष्य छुपाने के इरादे से आरोपियों ने उसे टांके में डाल दिया और मौके से फरार हो गए। टांके के पानी में डूबने के कारण तेजा राम की मृत्यु हो गई।
न्यायिक हिरासत: पुख्ता सबूतों के आधार पर सदर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला नेतल और उसके प्रेमी गुमान सिंह को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया।
पुलिस रिमांड: न्यायालय ने महिला आरोपी नेतल को न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेजने के आदेश दिए हैं, जबकि मुख्य आरोपी गुमान सिंह को गहन पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर सौंपा है।
पुलिस जांच का अगला चरण
स्थानीय पुलिस अब इस बिंदु पर जांच केंद्रित कर रही है कि हत्या की यह साजिश कितने समय से रची जा रही थी। इसके साथ ही इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस जघन्य अपराध को अंजाम देने या साक्ष्य मिटाने में किसी अन्य तीसरे व्यक्ति ने भी उनकी मदद की थी। पुलिस अधिकारी मामले के सभी तकनीकी और चश्मदीद गवाहों की कड़ियों को आपस में जोड़कर मजबूत चार्जशीट तैयार करने में जुटे हैं।

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