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भारत को मिलेगी पहली बुलेट ट्रेन: 7 नए हाई स्पीड कॉरिडोर को मंजूरी

दिल्ली। देश को अगले वर्ष के मध्य में अपनी पहली बुलेट ट्रेन मिलने जा रही है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है, वहीं केंद्र सरकार ने सात नए बुलेट ट्रेन हाई स्पीड कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इनमें दिल्ली-वाराणसी रूट सबसे प्रमुख है, जहां बुलेट ट्रेन दिल्ली से लखनऊ महज दो घंटे में और वाराणसी मात्र तीन घंटे 15 मिनट में पहुंचा देगी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले से इन नई परियोजनाओं को गति मिली है। इन रूट्स पर बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 350 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी, जबकि परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटे होगी।

सात नए हाई स्पीड कॉरिडोर और यात्रा समय

सरकार द्वारा मंजूर सात नए रूट्स पर बुलेट ट्रेन सेवाएं शुरू होने वाली हैं। प्रस्तावित यात्रा समय इस प्रकार है:

  • मुंबई से अहमदाबाद: 1 घंटा 57 मिनट
  • मुंबई से पुणे: 48 मिनट (170 किमी)
  • बेंगलुरु से चेन्नई: 73 मिनट
  • बेंगलुरु से हैदराबाद: 2 घंटे 10 मिनट
  • पुणे से हैदराबाद: 2 घंटे 8 मिनट (लगभग 500 किमी)
  • दिल्ली से लखनऊ: 2 घंटे
  • दिल्ली से वाराणसी: 3 घंटे 15 मिनट
  • दिल्ली से सिलिगुड़ी: 6 घंटे

दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 812 किलोमीटर है। इस रूट पर लखनऊ से अयोध्या खंड की लंबाई 124 किलोमीटर होगी।

दिल्ली-वाराणसी रूट पर स्टेशन

दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन रूट पर स्थानीय लोगों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए कई स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें दिल्ली, नोएडा, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, प्रयागराज और वाराणसी शामिल हैं। हालांकि, अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुंबई-पुणे कॉरिडोर आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होगा। पुणे-हैदराबाद रूट पर भी दो घंटे आठ मिनट में यात्रा संभव हो सकेगी। महाराष्ट्र में इस परियोजना से दो लाख करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की स्थिति

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन देश की पहली हाई स्पीड रेल परियोजना है। 508 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की आधारशिला सितंबर 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रखी थी। यह परियोजना जापान की शिंकान्सेन तकनीक और वित्तीय सहायता से बन रही है।

शुरुआत में इसे 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण और अन्य मंजूरियों में देरी हुई। फिलहाल निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और अधिकांश भूमि अधिग्रहण तथा वैधानिक स्वीकृतियां पूरी हो चुकी हैं।

शुरूआत का समय और प्रभाव

रेल मंत्रालय के अनुसार, गुजरात में ट्रैक, स्टेशन और वायाडक्ट का काम जोरों पर है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संभावना जताई है कि 15 अगस्त 2027 को देश को पहली बुलेट ट्रेन मिल सकती है। शुरुआत में सूरत से बिलिमोरा और फिर वापी से सूरत तक का सेक्शन चालू होगा। पूरी लाइन 2028-29 तक मुंबई तक संचालित होने की उम्मीद है।

पूरी तरह चालू होने पर मुंबई-अहमदाबाद के बीच यात्रा समय वर्तमान 6-7 घंटों से घटकर मात्र 2-3 घंटे रह जाएगा।

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