उत्तराखंड के हरिद्वार में श्यामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चंडी देवी रोपवे मार्ग के पास झाड़ियों में मिले एक अज्ञात महिला के शव के मामले का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। हरिद्वार पुलिस ने लगभग 25 दिनों तक चली सघन जांच के बाद इस 'ब्लाइंड मर्डर केस' का सफल अनावरण करते हुए उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस सनसनीखेज हत्याकांड को प्रेम प्रसंग और शादी के लिए बनाए जा रहे लगातार दबाव के कारण अंजाम दिया गया था।
हाथों पर बने टैटू और सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गत 10 मई को चंडी देवी रोपवे के समीप स्थित जंगल की झाड़ियों से एक महिला का शव बरामद हुआ था। शुरुआती दौर में मृतका की शिनाख्त करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था, लेकिन उसके हाथों पर गुदे हुए टैटू जांच टीम के लिए सबसे बड़ा और अहम सुराग साबित हुए।
इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस टीमों ने कड़ा वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान किया, जिसके तहत:
विभिन्न रूटों के करीब 600 घंटे से अधिक के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए।
मोबाइल सर्विलांस के जरिए लगभग 1.64 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबरों का डेटा विश्लेषण किया गया।
उत्तराखंड और पड़ोसी राज्यों के थानों में दर्ज गुमशुदगी के रिकॉर्ड्स का मिलान किया गया।
इस जांच के दौरान एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें मृतका तीन पुरुषों के साथ जाती हुई दिखाई दी, लेकिन वापसी के वक्त वह उनके साथ मौजूद नहीं थी। इसी फुटेज के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस की तफ्तीश उत्तर प्रदेश के बांदा तक जा पहुंची।
शादी के दबाव से परेशान होकर रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों से की गई कड़ाई से पूछताछ में इस पूरे हत्याकांड का सच सामने आ गया। पूछताछ में यह तथ्य उजागर हुआ कि मृतका, जिसका नाम कौशल्या था, वह अपने प्रेमी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा पर लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी।
शादी के इस दबाव से पीछा छुड़ाने के लिए मुख्य आरोपी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा ने अपने सगे भाई राकेश और अपने जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने की एक सुनियोजित साजिश रची।
दर्शन के बहाने हरिद्वार लाकर वारदात को दिया अंजाम
तय योजना के मुताबिक, तीनों आरोपी कौशल्या को धार्मिक दर्शन कराने के बहाने उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड के हरिद्वार लेकर आए। यहां पहुंचने के बाद वे उसे चंडी देवी रोपवे मार्ग के पास स्थित एक एकांत और सुनसान जंगली इलाके में ले गए। वहां तीनों ने मिलकर कौशल्या का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उन्होंने शव को झाड़ियों के पीछे फेंक दिया और फरार हो गए।
हरिद्वार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद अभियुक्तों को विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है और वैधानिक कार्यवाही पूरी करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।उत्तराखंड के हरिद्वार में श्यामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चंडी देवी रोपवे मार्ग के पास झाड़ियों में मिले एक अज्ञात महिला के शव के मामले का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। हरिद्वार पुलिस ने लगभग 25 दिनों तक चली सघन जांच के बाद इस 'ब्लाइंड मर्डर केस' का सफल अनावरण करते हुए उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस सनसनीखेज हत्याकांड को प्रेम प्रसंग और शादी के लिए बनाए जा रहे लगातार दबाव के कारण अंजाम दिया गया था।
हाथों पर बने टैटू और सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गत 10 मई को चंडी देवी रोपवे के समीप स्थित जंगल की झाड़ियों से एक महिला का शव बरामद हुआ था। शुरुआती दौर में मृतका की शिनाख्त करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था, लेकिन उसके हाथों पर गुदे हुए टैटू जांच टीम के लिए सबसे बड़ा और अहम सुराग साबित हुए।
इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस टीमों ने कड़ा वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान किया, जिसके तहत:
विभिन्न रूटों के करीब 600 घंटे से अधिक के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए।
मोबाइल सर्विलांस के जरिए लगभग 1.64 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबरों का डेटा विश्लेषण किया गया।
उत्तराखंड और पड़ोसी राज्यों के थानों में दर्ज गुमशुदगी के रिकॉर्ड्स का मिलान किया गया।
इस जांच के दौरान एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें मृतका तीन पुरुषों के साथ जाती हुई दिखाई दी, लेकिन वापसी के वक्त वह उनके साथ मौजूद नहीं थी। इसी फुटेज के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस की तफ्तीश उत्तर प्रदेश के बांदा तक जा पहुंची।
शादी के दबाव से परेशान होकर रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों से की गई कड़ाई से पूछताछ में इस पूरे हत्याकांड का सच सामने आ गया। पूछताछ में यह तथ्य उजागर हुआ कि मृतका, जिसका नाम कौशल्या था, वह अपने प्रेमी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा पर लगातार शादी करने का दबाव बना रही थी।
शादी के इस दबाव से पीछा छुड़ाने के लिए मुख्य आरोपी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा ने अपने सगे भाई राकेश और अपने जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने की एक सुनियोजित साजिश रची।
दर्शन के बहाने हरिद्वार लाकर वारदात को दिया अंजाम
तय योजना के मुताबिक, तीनों आरोपी कौशल्या को धार्मिक दर्शन कराने के बहाने उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड के हरिद्वार लेकर आए। यहां पहुंचने के बाद वे उसे चंडी देवी रोपवे मार्ग के पास स्थित एक एकांत और सुनसान जंगली इलाके में ले गए। वहां तीनों ने मिलकर कौशल्या का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उन्होंने शव को झाड़ियों के पीछे फेंक दिया और फरार हो गए।
हरिद्वार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद अभियुक्तों को विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है और वैधानिक कार्यवाही पूरी करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।

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