फर्नेस में विस्फोट से चार मजदूर झुलसे
चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार एक मजदूर के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि अन्य तीन श्रमिक लगभग 10 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। सभी घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हादसे के बाद संयंत्र में मची अफरा तफरी
विस्फोट के बाद संयंत्र परिसर में अफरा तफरी की स्थिति बन गई। औद्योगिक सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक स्तर पर मॉइश्चराइजर प्रणाली में आई तकनीकी खराबी को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने शुरू की जांच
हादसे के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग के सहायक संचालक राहुल पटेल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
राहुल पटेल ने बताया कि हादसे में घायल मजदूरों का इलाज जारी है और विभागीय टीम ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जो तथ्य उजागर होंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाल के महीनों में दूसरा बड़ा औद्योगिक हादसा
रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में हाल के समय में यह दूसरा बड़ा औद्योगिक हादसा माना जा रहा है। इससे पहले 14 अप्रैल को सक्ती जिले में वेदांता समूह के पावर प्लांट में हुए बड़े हादसे में 25 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य श्रमिक घायल हुए थे।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रायगढ़ इस्पात संयंत्र में हुए ताजा हादसे की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।

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