हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा और आपसी विश्वास पर जोर
समारोह के बाद मीडिया जगत को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के वैश्विक दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का संदेश बेहद सीधा और सकारात्मक है।
सुरक्षा और समृद्धि: भारत एक ऐसे हिंद महासागर की परिकल्पना करता है जहाँ समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक संपन्नता का भी विकास हो।
समानता का भाव: दोनों देशों की साझेदारी का आधार भौगोलिक आकार नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और अटूट विश्वास है।
सहयोग की भावना: अंतरराष्ट्रीय मंच पर सभी देशों को एक-दूसरे के महज पास नहीं, बल्कि कदम से कदम मिलाकर साथ चलना चाहिए।
वैश्विक क्लाइमेट एक्शन और ग्रीन ग्रोथ को पहचान
प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह पुरस्कार उनके उन अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की श्रृंखला का हिस्सा है, जो क्लाइमेट एक्शन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन ग्रोथ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रमाणित करते हैं। वैश्विक मंच पर भारत के पर्यावरण अनुकूल प्रयासों को लगातार सराहा जा रहा है।
एक ही महीने में मिला दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान
गौरतलब है कि पर्यावरण और कृषि विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों को लगातार वैश्विक संस्थाओं द्वारा सराहा जा रहा है।
मई 2026 में मिला था एग्रीकोला मेडल: हाल ही में मई 2026 में फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (FAO) द्वारा पीएम मोदी को 'एग्रीकोला मेडल' से सम्मानित किया गया था।
सम्मान का कारण: यह पदक उन्हें खाद्य सुरक्षा (फूड सिक्योरिटी) को सुदृढ़ करने, कृषि क्षेत्र में आधुनिक बदलाव लाने और टिकाऊ खेती (सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) को बढ़ावा देने के लिए दिया गया था।
यह सम्मान भारत और सेशेल्स के बीच गहरे होते रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों के साथ-साथ पर्यावरण के मोर्चे पर भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को भी दर्शाता है।

खबरें नहीं सच का प्रहार
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