रायपुर, 27 जून — राजधानी रायपुर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने QR कोड आधारित डिजिटल पंजीकरण अभियान शुरू किया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में कालीबाड़ी यातायात कार्यालय परिसर में इस अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया।
इस पहल के तहत ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों पर QR कोड चस्पा किए जा रहे हैं, जिससे नागरिक आसानी से वाहन चालक की जानकारी प्राप्त कर सकें।
QR कोड से मिलेगी यात्रियों को सुरक्षा
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस का उद्देश्य शहरवासियों और बाहर से आने वाले यात्रियों को सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
QR कोड का उपयोग इस प्रकार है:
- यात्री सवार होने से पहले या बाद में Google कैमरे से QR कोड स्कैन कर चालक की पूरी डिटेल देख सकता है।
- सवारी QR कोड का फोटो खींचकर रख सकती है, जिससे सामान छूट जाने की स्थिति में आसानी से संपर्क किया जा सके।
- बिना QR कोड वाले वाहनों में यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।
यह व्यवस्था अपराधिक गतिविधियों की आशंका को कम करने और यात्रियों में सुरक्षा की भावना बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में रायपुर का नाम
मात्र 15 दिनों में 15,047 ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों का पंजीकरण पूरा कर रायपुर ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया है। इस उपलब्धि पर गोल्डन बुक की टीम द्वारा पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों को प्रमाण-पत्र और मेडल प्रदान किए गए।
अगले चरण की तैयारियां और जागरूकता अभियान
इस पहल से शहर में संचालित ऑटो और ई-रिक्शा की वास्तविक संख्या तथा चालकों की जानकारी प्राप्त हो सकेगी। अगले चरण में चालकों को परिचय पत्र वितरित करने और ऑटो स्टैंडों का चिन्हांकन करने की योजना है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में यातायात, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा संबंधी जागरूकता वाली शॉर्ट फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई। इन फिल्मों को सोशल मीडिया, शहर के LED स्क्रीन, मॉल और PVR सिनेमाघरों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल QR कोड लगे ऑटो और ई-रिक्शा का ही उपयोग करें। यह अभियान यातायात अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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