3 जून को नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में पंचायत को 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। पुरस्कार केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने सरडीह के सरपंच रामजी राम भगत और सचिव ईश्वर प्रसाद यादव को सौंपा।
पुरस्कार समारोह में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति
जनभागीदारी से बदली सरडीह की तस्वीर
कलेक्टर रोहित व्यास ने इस उपलब्धि पर पंचायत के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों को बधाई देते हुए इसे सामुदायिक सहभागिता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने कहा कि सरडीह ने ग्रामीण विकास का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है।
लगभग 454 परिवारों वाले इस गांव में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय भी निवास करता है। पंचायत ने स्वच्छता को जन आंदोलन बनाते हुए सभी घरों में शौचालयों का उपयोग सुनिश्चित किया और सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया। सप्ताह में एक दिन सामूहिक सफाई अभियान चलाया जाता है, जिससे गांव स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण का प्रतीक बन गया है।
जल संरक्षण, सौर ऊर्जा और कृषि नवाचार
पंचायत ने जल संरक्षण के लिए सोखता गड्ढे बनाए, जिससे भू-जल स्तर में सुधार हुआ और वर्ष भर पानी की उपलब्धता बनी रही। 109 घरों में सौर ऊर्जा आधारित पंप लगाए गए हैं, जिससे सिंचाई और घरेलू उपयोग में आसानी हुई है।
किसान अब टमाटर, मिर्च, खीरा जैसी उद्यानिकी फसलों की आधुनिक खेती कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं। गांव में 12 सोलर स्ट्रीट लाइटें भी लगाई गई हैं, जो ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में सहायक सिद्ध हो रही हैं।
राष्ट्रीय पुस्तक में शामिल सरडीह के प्रयास
समारोह के दौरान पंचायती राज मंत्रालय द्वारा “राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025” नामक विशेष पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसमें सरडीह पंचायत के स्वच्छता, जल संरक्षण, हरित विकास और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े नवाचारों को प्रमुखता दी गई है।
यह राष्ट्रीय सम्मान ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, स्वच्छताग्राहियों और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। सरडीह की यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बनी है और अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत साबित हो रही है।



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