इस विवाद के चलते दोनों देशों की सीमा पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
BGB के आरोप
BGB ने दावा किया कि जीरो लाइन से 70 से अधिक लोग बांग्लादेशी क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहे थे। शुक्रवार को नौगांव इलाके में 17 लोगों को रोका गया, जिनमें 5 बच्चे शामिल थे। गुरुवार को 28 लोगों को पकड़ा गया, जिसमें 10 महिलाएं और 6 बच्चे थे।
BGB का कहना है कि भारतीय BSF ने इन लोगों को बांग्लादेश की सीमा की ओर धकेलने की कोशिश की। इससे बॉर्डर पर तनावपूर्ण माहौल बन गया है।
BSF का स्पष्ट जवाब
भारतीय BSF ने BGB के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के मेखलीगंज इलाके में 10 महिलाओं समेत कुछ बच्चे भारत में अवैध रूप से घुसने की कोशिश कर रहे थे। BSF जवानों ने उन्हें रोक दिया।
BSF के अनुसार, कुछ लोग बांग्लादेश की तरफ से भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है और सीमा पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
बॉर्डर पर फंसे लोग
वर्तमान में सीमा क्षेत्र में कुछ लोग फंसे हुए हैं। BGB ने इन्हें बांग्लादेशी नागरिक मानने से इनकार कर दिया है। वहीं भारतीय पक्ष ने भी उन्हें अपना नागरिक स्वीकार नहीं किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 10 लोग इस समय जीरो लाइन पर फंसे हुए हैं। दोनों देशों के सुरक्षा बल इन लोगों को अपने-अपने देश का नागरिक मानने को तैयार नहीं हैं।
फ्लैग मीटिंग पर मतभेद
इस विवाद के कारण दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के बीच फ्लैग मीटिंग को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं।
BSF ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है ताकि कोई भी अवैध घुसपैठ न हो सके। इस घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर चर्चा की आवश्यकता पर प्रकाश पड़ रहा है।


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