W.B. /पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रही है। पार्टी में मची बड़ी बगावत के बीच अब टीएमसी का कांग्रेस में विलय (TMC Congress Merger) होने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा दिए गए विलय के प्रस्ताव पर टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी रजामंद हो गई हैं। हालांकि, इस विलय को लेकर ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी के सामने एक बड़ी शर्त रख दी है, जिससे पेच फंसता नजर आ रहा है।
अभिषेक बनर्जी की मांग: खरगे वाले पद पर नजर
पार्टी के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में अभिषेक बनर्जी ने मांग रखी कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को कांग्रेस की ओर से राज्यसभा भेजा जाए और उन्हें वहां सदन में नेता विपक्ष का पद दिया जाए। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में राज्यसभा में नेता विपक्ष का पद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पास है। इसके अलावा अभिषेक ने संगठन में भी अपने लिए मजबूत भूमिका की पैरवी की है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुई थी 60 विधायकों की टूट
टीएमसी के भीतर इस उथल-पुथल की शुरुआत विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ही हो गई थी। पार्टी के भीतर ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में एक बड़ा धड़ा अलग हो गया, जिसमें करीब 60 (सटीक संख्या 58) विधायक शामिल थे। इस गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुनकर विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा था, जिसके बाद उन्हें विधानसभा में नेता विपक्ष की मान्यता मिल गई थी। इस टूट के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि टीएमसी के सांसदों में भी जल्द ही बिखराव देखने को मिल सकता है।
20 से अधिक सांसदों ने खोला मोर्चा, काकोली और सायोनी भी शामिल
विधायकों की बगावत के बाद टीएमसी को संसद में भी तगड़ा झटका लगा है। राज्यसभा से सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव जैसे बड़े चेहरों ने इस्तीफा दे दिया। वहीं, लोकसभा में ममता बनर्जी की बेहद करीबी मानी जाने वालीं काकोली घोष के नेतृत्व में 20 से अधिक सांसदों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। इस बागी गुट में हाल ही में चर्चा में रहीं सांसद सायोनी घोष भी शामिल हैं। सांसदों के इस रुख के बाद ममता बनर्जी पर चौतरफा दबाव बढ़ गया था।
सोनिया गांधी का ऑफर और 'इंडिया' गठबंधन की कवायद
विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA Alliance) के भीतर आपसी समन्वय और एकजुटता को मजबूत करने के प्रयासों के तहत यह पूरी राजनीतिक बिसात बिछाई जा रही है। अभिषेक बनर्जी की राहुल गांधी से मुलाकात से ठीक एक दिन पहले, ममता बनर्जी ने 10 जनपथ जाकर सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।
सोनिया गांधी का प्रस्ताव: कांग्रेस में विलय के बदले ममता बनर्जी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अभिषेक बनर्जी को कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव बनाने का ऑफर दिया गया।
ममता बनर्जी का रुख: सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने इस प्रस्ताव और शर्तों पर अंतिम फैसला लेने के लिए कांग्रेस नेतृत्व से कुछ दिनों का समय मांगा है।
इस संभावित विलय और अभिषेक बनर्जी की शर्तों पर अभी कांग्रेस आलाकमान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आनी बाकी है। आगामी कुछ दिन पश्चिम बंगाल और केंद्र की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

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