नई दिल्ली। इन दिनों सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janata Party - CJP) चर्चा का विषय बनी हुई है। यह कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक व्यंग्यात्मक (satirical) राजनीतिक आंदोलन है, जिसकी स्थापना 16 मई 2026 को अभिजीत दीपके ने की थी। महज कुछ हफ्तों में यह आंदोलन युवाओं के बीच व्यापक लोकप्रियता हासिल कर चुका है।
शुरुआत कैसे हुई?
यह आंदोलन सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के एक बयान से उपजा, जिसमें बेरोजगार युवाओं और संस्थाओं की आलोचना करने वालों की तुलना ‘कॉकरोच’ से की गई थी। इस बयान ने युवाओं में व्यापक आक्रोश पैदा किया। अभिजीत दीपके, जो एक राजनीतिक संचार रणनीतिकार और बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं तथा पूर्व में आम आदमी पार्टी के साथ जुड़े रहे हैं, ने इस बयान पर व्यंग्य करते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया।
पार्टी का नाम भारतीय जनता पार्टी (BJP) का व्यंग्यात्मक अनुकरण है। इसका नारा है – ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी’। यह खुद को ‘आलसी, बेरोजगार और ऑनलाइन युवाओं’ की आवाज बताती है।
तेजी से बढ़ता प्रभाव
शुरू होने के कुछ दिनों में ही CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट ने करोड़ों फॉलोअर्स हासिल कर लिए। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, यह आंदोलन 3-4 लाख से अधिक सदस्यता हासिल कर चुका है। यह युवाओं की बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, NEET विवाद और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दों पर व्यंग्य के माध्यम से चर्चा करता है।
अभिजीत दीपके ने इसे युवाओं का आंदोलन बताया है, जो ‘व्यवस्था-विरोधी’ स्वर रखता है। आंदोलन ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की भी योजना बनाई है।
क्या है पार्टी का एजेंडा?
CJP मुख्य रूप से व्यंग्य और मीम्स के जरिए युवाओं की समस्याओं को उठाती है। इसमें शामिल होने के लिए ‘योग्यता’ बताते हुए कहा जाता है – अगर आप बेरोजगार हैं, परिवार आपको आलसी कहता है और दिन भर सिस्टम को कोसते रहते हैं, तो आप CJP के सदस्य बन सकते हैं।
यह आंदोलन कोई औपचारिक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि एक सोशल मीडिया कैंपेन है जो युवा निराशा को व्यंग्यात्मक तरीके से व्यक्त करता है।
विवाद और प्रतिक्रियाएं
CJP ने सोशल मीडिया पर तहलका मचाया है, लेकिन इसके साथ विवाद भी जुड़े हैं। कुछ लोग इसे सकारात्मक युवा अभिव्यक्ति मानते हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक साजिश या फ्रॉड से जोड़कर देख रहे हैं। इसके वेबसाइट और अकाउंट्स पर भी अस्थायी रूप से प्रतिबंध या हैकिंग की खबरें आई हैं।


खबरें नहीं सच का प्रहार
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