सेना अधिकारियों ने युवक की गतिविधियों की पुष्टि के बाद एक सुनियोजित कार्रवाई की। उसे स्थानीय छात्रों के सम्मान समारोह के बहाने शहीद संग्रहालय बुलाकर हिरासत में लिया गया।
सम्मान समारोह के बहाने की गई कार्रवाई
स्टेशन हेडक्वार्टर शाहजहांपुर के प्रशासनिक कमांडेंट कर्नल जेएस जगलान ने पूर्व सैनिकों की मदद से युवक को ट्रैप करने की योजना बनाई। सम्मान समारोह का निमंत्रण मिलते ही आर्यन वर्मा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा। वहां पहुंचते ही अधिकारियों ने उसकी पहचान सत्यापित कर उसे हिरासत में ले लिया।
बरामद हुए फर्जी सामान
गिरफ्तार आर्यन वर्मा ब्रिगेडियर की वर्दी पहने हुए था। वह टाटा हैरियर कार से पहुंचा था, जिस पर आर्मी हेडक्वार्टर का झंडा और स्टार प्लेट लगी हुई थी।
तलाशी में उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुए:
- फर्जी ब्रिगेडियर पहचान पत्र
- एयर पिस्टल
- एएमसी रेजिमेंटल छड़ी
- अन्य सेना संबंधित वस्तुएं
आर्यन वर्मा के साथ आए दो व्यक्ति काले कपड़ों में थे और खुद को एनएसजी कमांडो बताने की कोशिश कर रहे थे। वाहन चालक के पास से भारत सरकार का फर्जी पहचान पत्र भी मिला।
सेना ने पुलिस को सौंपा मामला
सेना अधिकारियों ने सभी आरोपियों और बरामद सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए शाहजहांपुर के सदर थाने को सौंप दिया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि युवक ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।
सैन्य प्रतीकों का दुरुपयोग गंभीर अपराध
सेना का कहना है कि सैन्य वर्दी, पहचान पत्र, झंडे और अन्य प्रतीकों का अनधिकृत उपयोग गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।

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