रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज चौथा दिन है, जिसकी कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू होगी। 13 जुलाई से शुरू हुए इस सत्र के चौथे दिन (16 जुलाई 2026) सदन में कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों को निपटाया जाएगा। आज के 'CG Assembly Session' में प्रश्नकाल के दौरान संबंधित विभागों के मंत्री विधायकों के सवालों के जवाब देंगे। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े और खाद्य मंत्री दयालदास बघेल महत्वपूर्ण पत्रों को सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगे।
60 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर होगी चर्चा
सदन की आज की कार्यसूची में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव बेहद अहम रहने वाले हैं। अलग-अलग विधायकों द्वारा 60 से अधिक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किए जाएंगे, जिन पर सदन में विस्तार से चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, विभिन्न समितियों के प्रतिवेदनों और याचिकाओं की प्रस्तुति भी की जाएगी। विधायी कार्यों के सिलसिले में विधायक अजय चंद्राकर और सुशांत शुक्ला सदन के समक्ष अपने-अपने अशासकीय संकल्प भी प्रस्तुत करने वाले हैं।
तीसरे दिन मेकाहारा और नकटी गांव के मामले पर हुआ हंगामा
इससे पहले, मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर काफी गहमा-गहमी देखने को मिली थी। प्रश्नकाल के दौरान छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े अस्पताल 'मेकाहारा' (डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय) में कथित लापरवाही का मामला पुरजोर तरीके से गूंजा। इस विषय पर स्वास्थ्य मंत्री अपनी ही पार्टी यानी सत्ता पक्ष के विधायकों के तीखे सवालों के घेरे में आ गए थे।
इसके बाद नकटी गांव में हुई बेदखली की कार्रवाई का मुद्दा उठा, जिस पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव लाकर राज्य सरकार को घेरने का प्रयास किया।
गरीबों के मकान तोड़ने के आरोपों पर सत्ता पक्ष की आपत्ति
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए वहां रह रहे गरीब परिवारों के घरों को तोड़ दिया गया। इस दावे पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के ऐसे गंभीर आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस विधायक इस दावे से जुड़े आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखें।
इस स्थगन प्रस्ताव पर जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा बेदखली की यह कार्रवाई पूरी जांच-पड़ताल और नियमानुसार नोटिस जारी करने के बाद ही की गई थी। उन्होंने सदन को बताया कि:
सभी प्रभावित परिवारों को विस्थापन के लिए नए आवास उपलब्ध कराए गए हैं।
लोगों को अपने घरों से सामान सुरक्षित निकालने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था।
सामान को नए स्थान पर शिफ्ट करने के लिए प्रशासन की तरफ से मुफ्त वाहन और मजदूरों की व्यवस्था भी की गई थी।


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