यह सर्कुलर दिनांक 29.06.2026 को जारी किया गया है। सतर्कता कार्यालय (Vigilance Office) गोरखपुर को लगातार मिल रही लापरवाहियों की शिकायतों के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। इसके तहत स्टेशन डायरेक्टर, यातायात निरीक्षक, स्टेशन अधीक्षक, स्टेशन मास्टर, ट्रेन मैनेजर और मुख्य नियंत्रक को अपने कार्यक्षेत्रों में इसका कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया गया है।
सुरक्षा और गोपनीयता के लिए बड़ा खतरा
रेलवे परिचालन में मामूली सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। विशेष रूप से लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और ट्रैकमैन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात कर्मियों का ध्यान भटकने से यात्रियों की सुरक्षा दांव पर लग जाती है।
प्रशासन का मानना है कि रेलवे परिसरों, संवेदनशील उपकरणों और कंट्रोल पैनल के वीडियो इंटरनेट पर अपलोड करने से सुरक्षा (Safety and Security) प्रभावित होती है। इसके साथ ही रेलवे की गोपनीय जानकारी (Confidential Information) भी सार्वजनिक हो जाती है, जिसका दुरुपयोग होने की आशंका बनी रहती है।
मोनेटाइजेशन से आर्थिक लाभ कमाने पर आपत्ति
इस विभागीय पत्र में एक और महत्वपूर्ण खुलासा किया गया है। जांच में सामने आया है कि कुछ रेल कर्मचारी ड्यूटी के समय का उपयोग अपने निजी यूट्यूब या फेसबुक चैनलों को प्रमोट करने और मोनेटाइजेशन के जरिए आर्थिक लाभ (Financial Benefit) कमाने के लिए कर रहे थे। सरकारी सेवा नियमों के अनुसार, कोई भी सेवक प्रशासन की अनुमति के बिना किसी अन्य माध्यम से व्यावसायिक लाभ या धन अर्जित नहीं कर सकता।
रेलवे आचरण नियम 1966 के तहत होगी कार्रवाई
रेलवे प्रशासन ने इस आदेश को प्रभावी बनाने के लिए 'Railway Service (Conduct) Rules, 1966' के दो प्रमुख नियमों का हवाला दिया है:
नियम 11 (Rule 11): यह नियम किसी भी सरकारी कर्मचारी को किसी अनधिकृत व्यक्ति या सार्वजनिक मंच पर आधिकारिक दस्तावेज, कार्यप्रणाली या गोपनीय जानकारी साझा करने से प्रतिबंधित करता है।
नियम 15 (Rule 15): इस नियम के तहत कोई भी रेलकर्मी बिना पूर्व स्वीकृति के किसी भी प्रकार के निजी व्यापार, रोजगार या अतिरिक्त कमाई वाले कार्य (जैसे यूट्यूब से पैसे कमाना) में संलिप्त नहीं हो सकता।
उल्लंघन करने पर भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन दिशानिर्देशों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत दोषी कर्मी को निलंबन (Suspension), वेतन वृद्धि (Increment) पर रोक या फिर सेवा से बर्खास्तगी (Dismissal) जैसी गंभीर सजाओं का सामना करना पड़ सकता है।
नोट: सोशल मीडिया में वायरल हो रहे इस पत्र के संबंध में खबर प्रहार (khabarprahar.in) अपनी तरफ से पुष्टि का दावा नहीं करता है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह नियम वाराणसी मंडल के सभी संबंधित प्रणालियों पर तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

खबरें नहीं सच का प्रहार
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