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रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड से एक बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है, जहां लंबे समय से एक ही ग्राम पंचायत में जमे सचिवों को हटाने की मांग तेज हो गई है। पूर्व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता रवि भगत ने इस संबंध में जनपद पंचायत लैलूंगा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। सौंपे गए पत्र में उन्होंने लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत पंचायत सचिवों का तत्काल स्थानांतरण करने का आग्रह किया है।

लापरवाही, मनमानी और नए सरपंचों के काम में बाधा डालने के आरोप



रवि भगत द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में यह उल्लेख किया गया है कि विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कई सचिव वर्षों से एक ही जगह पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लंबे कार्यकाल के कारण इन कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में कथित रूप से लापरवाही और मनमानी बढ़ गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त है। आरोप यह भी है कि इनमें से कुछ सचिव पूर्व सरपंचों के प्रभाव में आकर काम कर रहे हैं और वर्तमान में नवनिर्वाचित सरपंचों के विकास कार्यों में अपेक्षित सहयोग नहीं दे रहे हैं। इस असहयोगात्मक रवैये की वजह से पंचायती राज से जुड़े जमीनी कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं और आम जनता को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

भ्रष्टाचार की शिकायतें और प्रशासनिक पारदर्शिता की मांग

पूर्व भाजपा नेता ने सचिवों की कार्यप्रणाली पर वित्तीय अनियमितताओं के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एक ही पंचायत क्षेत्र में लंबे समय तक जमे रहने के फलस्वरूप सचिवों के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें निरंतर उजागर हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि सभी प्रभावित पंचायत सचिवों का एक ग्राम पंचायत से दूसरे ग्राम पंचायत में अविलंब तबादला किया जाए।

रवि भगत ने स्थानीय प्रशासन को सचेत करते हुए कहा है कि यदि इस गंभीर समस्या पर त्वरित निर्णय लेते हुए सचिवों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वे ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए एक व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।

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