महिला का भेष बनाकर पहुंचे थे लुटेरे, जेल में बनी थी योजना
पुलिस के अनुसार, वारदात का मुख्य सूत्रधार और वर्तमान में फरार आरोपी विष्णु राम राठिया महिला का भेष धारण कर, सलवार सूट पहनकर दुकान में घुसा था। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि तीनों आरोपियों की पहली मुलाकात जेल में हुई थी। ये सभी आदतन अपराधी हैं, जो पूर्व में हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में सजा काट चुके हैं। रिहाई के बाद इन्होंने बड़ी डकैती डालने का प्लान बनाया था। मूल रूप से यह लूट 30 जून को होनी थी, लेकिन आरोपी परदेशी के एक विवाह समारोह में चले जाने के कारण इसे 1 जुलाई को अंजाम दिया गया।
दोपहर 1 बजे कट्टा तानकर वारदात की कोशिश, सूझबूझ से नाकाम
घटना 1 जुलाई की दोपहर लगभग 1 बजे की है। तीन नकाबपोश बदमाश ग्राहक के रूप में राज ज्वेलर्स के भीतर दाखिल हुए। दुकान में प्रवेश करते ही आरोपियों ने शटर गिरा दिया और संचालक राजकुमार अग्रवाल पर कट्टा तानकर मिर्च पाउडर से हमला करने का प्रयास किया। हालांकि, दुकान के बाहर स्थानीय लोगों की हलचल और भीड़ बढ़ती देख आरोपी घबरा गए। दुकानदार की बहादुरी और छीनाझपटी के कारण लुटेरे बड़ी वारदात में पूरी तरह असफल रहे। हड़बड़ाहट में भागते समय वे अपना कट्टा और चोरी की मोटरसाइकिल मौके पर ही छोड़ गए। जो सामान वे अपने साथ ले जाने में कामयाब रहे, वह केवल आर्टिफिशियल ज्वेलरी थी; असली सोना-चांदी सुरक्षित बच गया।
100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की मदद से पकड़े गए आरोपी
मामले को सुलझाने के लिए एसपी सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई थी। साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद लेते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जशपुर, पत्थलगांव और धरमजयगढ़ सहित विभिन्न संभावित ठिकानों पर की गई घेराबंदी के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गोपाल सिंह गोंड (36 वर्ष, निवासी पसान थाना क्षेत्र) और परदेशी राठिया (40 वर्ष, निवासी श्यांग थाना क्षेत्र) के रूप में हुई है। तीसरा फरार आरोपी विष्णु राम राठिया करतला थाना क्षेत्र का निवासी है।
पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। फरार आरोपी विष्णु प्रसाद राठिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस पूरे मामले को सुलझाने में कटघोरा थाना प्रभारी मोती लाल पटेल, निरीक्षक धर्मनारायण तिवारी और साइबर सेल के अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही।

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