जान-पहचान और विवाह का झूठा आश्वासन
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 31 वर्षीय पीड़िता वर्ष 2018 में अपने पति से अलग होने के बाद अपनी मां के साथ निवास कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात जूटमिल थाना क्षेत्र के रहने वाले 31 वर्षीय महेंद्र पासवान से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और आरोपी ने महिला के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा।
पीड़िता ने शुरुआत में ही आरोपी को अपनी पूर्व शादी के बारे में स्पष्ट बता दिया था। इसके बावजूद, महेंद्र पासवान ने उसे शादी करने का पूरा भरोसा दिया और एक किराए का मकान लेकर उसके साथ रहने लगा। इस समयावधि के दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर महिला के साथ निरंतर शारीरिक संबंध बनाए।
असलियत सामने आने पर महिला को घर से निकाला
कुछ समय बीतने के बाद पीड़िता को इस बात की भनक लगी कि महेंद्र पासवान पहले से ही शादीशुदा है। जब महिला ने इस विषय पर उससे पूछताछ की और अपना वादा पूरा करने को कहा, तो आरोपी विवाद करने लगा। आरोप है कि 30 जून 2026 को महेंद्र ने पीड़िता को अपने साथ रखने से साफ इनकार कर दिया और उसे जबरन घर से बाहर निकाल दिया। इस घटनाक्रम से आहत होकर पीड़िता ने सीधे महिला थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिसिया कार्रवाई और आरोपी को न्यायिक रिमांड
महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी महेंद्र पासवान के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत आपराधिक मामला पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की। कानूनी प्रक्रिया के तहत सर्वप्रथम पीड़िता का बयान दर्ज किया गया और उसकी सहमति से आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) संपन्न कराया गया।
इसके पश्चात, पुलिस टीम ने आरोपी महेंद्र पासवान को उसके रिहाइशी इलाके से हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद उसका भी डॉक्टरी मुलाहजा कराया गया। गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ से माननीय अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।

खबरें नहीं सच का प्रहार
0 Comments