Khabar Prahar Logo खबरें नहीं सच का प्रहार
>
LATEST
खबर प्रहार...
BREAKING खबर प्रहार को रिर्पोटिंग हेतु संवाददाता की आवश्यकता है। संपर्क करें........

Stay Connected Worldwide

Uncover the Truth

Post Page Advertisement [Top]

Advertisement

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में पशुपालकों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया गया है। सरकार ने 'मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना' की कार्ययोजना और वित्तीय प्रावधानों को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों, डेयरी संचालकों और पशुपालकों को मवेशियों की असमय मृत्यु या दुर्घटना की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान करना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना हेतु 60 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका को मिलेगा संबल

उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने योजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आजीविका का एक मुख्य आधार है। किसी बीमारी, आपदा या दुर्घटना के कारण पशु की हानि होने पर ग्रामीण परिवारों पर गहरा आर्थिक संकट आ जाता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए राज्य सरकार ने इस कल्याणकारी कदम को उठाया है।

पशुधन मंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश देश में पशुधन के मामले में शीर्ष स्थान पर है। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीडीपी में पशुधन का योगदान 5.50 प्रतिशत है, जबकि राज्य के कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की कुल जीडीपी में यह हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से भी अधिक है। यह क्षेत्र विदेशी मुद्रा अर्जित करने का भी एक प्रमुख जरिया है।

इन परिस्थितियों में मिलेगा बीमा क्लेम का लाभ

यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में समान रूप से लागू की जाएगी। इसके दायरे में लघु व सीमांत किसान, भूमिहीन पशुपालक और डेयरी फार्म संचालक शामिल होंगे।

  • पात्रता और स्थितियां: किसी महामारी, प्राकृतिक आपदा या आकस्मिक दुर्घटना के कारण पशु की मृत्यु होने या उसके पूरी तरह अनुपयोगी हो जाने पर आर्थिक सहायता दी जाएगी।

  • पारदर्शी भुगतान प्रणाली: दावों के निपटारे को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। क्लेम की धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते (DBT) में भेजी जाएगी। बीमा कंपनी को एक महीने के भीतर भुगतान प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

  • स्थायी विकलांगता पर राहत: यदि कोई पशु स्थायी रूप से विकलांग (पीटीडी) हो जाता है, तो बीमा कंपनी कुल बीमित राशि का 75 प्रतिशत तक भुगतान करेगी।

बजट प्रावधान और प्रीमियम का गणित

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 60 करोड़ रुपये के बजट से कुल 2,28,350 पशुओं को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

श्रेणीबीमित पशुओं की संख्या
सामान्य मद1,86,800 पशु
SCSP कम्पोनेंट41,550 पशु

योजना के तहत बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत और राज्य सरकार का अंश 34 प्रतिशत होगा। शेष 15 प्रतिशत राशि का भुगतान लाभार्थी को अपने अंशदान के रूप में करना होगा।

गो-संरक्षण और चारा नीति पर विशेष ध्यान

कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि राज्य में निराश्रित पशुओं के संरक्षण के लिए वर्तमान में 7,500 गो-संरक्षण केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में लगभग 13.50 लाख गायें संरक्षित हैं, जिनके भरण-पोषण पर प्रदेश सरकार प्रतिदिन 8 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश चारा नीति के अंतर्गत ग्राम समाज और वन विभाग की भूमियों पर हरा चारा उगाकर इन गोशालाओं को नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पशुपालन एवं डेयरी विकास कार्यक्रमों से जुड़े लाभार्थियों के पशुओं के बीमे को प्राथमिकता दी जाएगी।

No comments:

Post a Comment

Bottom Ad [Post Page]

Advertisement