अभियान के तहत जिले के 27 राजस्व निरीक्षक मंडलों में पुराने एवं जीर्ण-शीर्ण नक्शों का परीक्षण और नवीनीकरण किया जाएगा। कुल 766 राजस्व ग्रामों की 2456 नक्शा शीटों का परीक्षण किया जाएगा, जिनमें 214 राजस्व ग्रामों की 710 जर्जर नक्शा शीटों का नवीनीकरण किया जाएगा। प्रत्येक राजस्व निरीक्षक मंडल के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित करते हुए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है।
रोस्टर के अनुसार 15 जुलाई से मनोरा एवं आस्ता मंडलों से अभियान की शुरुआत होगी। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जशपुर, लोदाम, आरा, कुनकुरी, नारायणपुर, गोरिया, दुलदुला, सिमड़ा, फरसाबहार, तपकरा, कोल्हेनझरिया, बगीचा, बिमड़ा, कुर्राेग, सरबकोम्बो, सन्ना, पंडरापाठ, कांसाबेल, दोकड़ा, पत्थलगांव, केराकछार, तमता, लुड़ेग, बागबहार और कोतबा सहित सभी चयनित राजस्व निरीक्षक मंडलों में 30 सितंबर तक अभियान पूरा किया जाएगा।
कलेक्टर के निर्देशानुसार नक्शा नवीनीकरण के दौरान अभिलेखों की शुद्धता, गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में कार्यालय आयुक्त, भू-अभिलेख, छत्तीसगढ़ को भेजना सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के पर्यवेक्षण के लिए सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है। संबंधित पटवारियों को नियमानुसार आवश्यक संशोधन दर्ज करते हुए सभी अभिलेखों का विधिवत संधारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह अभियान भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। इससे भूमि अभिलेख अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनेंगे, जिससे सीमांकन, नामांतरण, भू-अभिलेख सुधार सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों का त्वरित, सरल और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो सकेगा।

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