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यात्री अगले चार महीने तक अपने सफर की योजना बेहद सावधानी से बनांए , 17 नवंबर तक मेगा ब्लॉक के चलते यह ट्रेन रहेंगी कैंसिल

रायगढ़: दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत चक्रधरपुर मंडल के कंसबहाल-धारुआडीही सेक्शन में अधोसंरचना विकास और पटरियों के रखरखाव के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। रेलवे प्रशासन द्वारा इस रूट पर एक बड़ा 'मेगा ब्लॉक' लिया जा रहा है, जो 3 जुलाई से शुरू होकर आगामी 17 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके कारण रायगढ़ होकर आवागमन करने वाली लंबी दूरी की कई मुख्य ट्रेनें आंशिक या पूर्ण रूप से प्रभावित रहेंगी। रेलवे के इस निर्णय के मद्देनजर यात्रियों को अगले चार महीनों तक यात्रा की योजना बेहद सूझबूझ से बनानी होगी।

कौन-सी ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह निरस्त?

इस मेगा ब्लॉक का सीधा असर रायगढ़, खरसिया और सारंगढ़ क्षेत्र के रेल यात्रियों पर पड़ेगा। ट्रेनों के निरस्त होने से यात्रियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे द्वारा जारी सूची के अनुसार निम्नलिखित ट्रेनें तय दिनों में पूरी तरह रद्द रहेंगी:

  • हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस (17005): निर्धारित दिनों में पूर्णतः रद्द।

  • रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस (17006): निर्धारित दिनों में पूर्णतः रद्द।

  • टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस (18109/18110): अलग-अलग तिथियों में लगभग 40 दिनों के लिए निरस्त।

  • बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस (18114): विभिन्न तारीखों में करीब 40 दिनों के लिए रद्द।

  • टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस (18113): विभिन्न तारीखों में करीब 40 दिनों के लिए रद्द।

साउथ बिहार एक्सप्रेस के रूट में आंशिक बदलाव

इस ब्लॉक के कारण लंबी दूरी की लोकप्रिय ट्रेनों में शुमार आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस के परिचालन में भी बड़ा बदलाव किया गया है।

  • आरा से आने वाली ट्रेन: आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस (13288) बिलासपुर या दुर्ग तक का सफर तय नहीं करेगी। यह ट्रेन राउरकेला स्टेशन पर ही शॉर्ट-टर्मिनेट (यात्रा समाप्त) कर दी जाएगी।

  • दुर्ग से जाने वाली ट्रेन: वापसी में दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287) दुर्ग स्टेशन के स्थान पर राउरकेला से ही आरा के लिए प्रस्थान करेगी।

इसका अर्थ यह है कि दुर्ग से लेकर राउरकेला के बीच दोनों दिशाओं में यह ट्रेन आंशिक रूप से रद्द मानी जाएगी।

त्योहारों के सीजन में यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

लगातार चार महीने तक चलने वाले इस लंबे ब्लॉक के कारण दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों और आगामी त्योहारों के सीजन में यात्रा करने वाले आम नागरिकों की कठिनाइयां बढ़ना तय है। इस फैसले के बाद रेलवे स्टेशनों पर टिकट निरस्तीकरण (कैंसिलेशन) और अन्य वैकल्पिक ट्रेनों में अचानक भीड़ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी तरफ, रेलवे प्रशासन का तर्क है कि भविष्य में रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुचारु बनाने के लिए इस तकनीकी ब्लॉक का लिया जाना अत्यंत अनिवार्य है।

 यात्रा पर निकलने से पहले यात्रीगण भारतीय रेलवे के आधिकारिक पूछताछ नंबर 139 या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) के माध्यम से अपनी ट्रेन की वास्तविक स्थिति की जांच अवश्य कर लें।


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