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ढाका। भारत-बांग्लादेश सीमा पर गुरुवार रात को तनाव की नई घटना सामने आई है। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने आरोप लगाया है कि भारत की बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने मेहरपुर जिले के खालपारा इलाके में बुरिपोटा बॉर्डर पोस्ट के माध्यम से चार व्यक्तियों को बांग्लादेश की तरफ धकेलने की कोशिश की, जिसे BGB ने अपनी सतर्कता से विफल कर दिया।

BGB के अनुसार, यह प्रयास रात के समय किया गया था। चुडांगा बटालियन-6 के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल मोहम्मद नजमुल हसन ने दावा किया कि उनके जवानों ने समय रहते इस मंशा को भांप लिया और किसी भी अवैध प्रवेश को रोक दिया।

स्थानीय सूचना पर कार्रवाई

द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय निवासियों ने इन चार लोगों को बॉर्डर की भारतीय तरफ जीरो लाइन के पार घूमते देखा। उन्होंने तुरंत BGB को सूचित किया, जिसके बाद सीमा सुरक्षा बल ने सख्ती से स्थिति को नियंत्रित किया।

एक पुरुष और तीन महिलाएं नो-मैन्स लैंड में फंसी वर्तमान में यह समूह इंटरनेशनल बॉर्डर पिलर 15 और 16 के बीच, कंटीले तारों की बाड़ के बांग्लादेशी हिस्से में स्थित नो-मैन्स लैंड क्षेत्र में फंसा हुआ है। BGB के जवान स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं ताकि आगे कोई पुश-इन की कोशिश न की जा सके।

दोनों देशों के बीच बढ़ता विवाद

यह घटना भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव को और बढ़ाने वाली है। बांग्लादेश का आरोप है कि हाल के समय में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं, खासकर पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद। BGB ने इस पुश-इन के मुद्दे को हाल ही में नई दिल्ली में हुई BGB-BSF अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में भी उठाया था।

भारत इन आरोपों से साफ इनकार करता आया है। भारतीय पक्ष का कहना है कि उसने बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है और उन्हें विभिन्न होल्डिंग स्टेशनों में रखा गया है। बांग्लादेश इन व्यक्तियों की नागरिकता की पुष्टि करने में देरी कर रहा है, जिससे उनकी वापसी की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियां आमतौर पर नियमित फ्लैग मीटिंग्स के जरिए छोटे-मोटे मुद्दों का समाधान करती रही हैं, लेकिन इस बार का आरोप सीमा पर सतर्कता बढ़ाने का कारण बन गया है।

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