Khabar Prahar Logo खबरें नहीं सच का प्रहार
>
LATEST
खबर प्रहार...
BREAKING खबर प्रहार को रिर्पोटिंग हेतु संवाददाता की आवश्यकता है। संपर्क करें........

Stay Connected Worldwide

Uncover the Truth

Post Page Advertisement [Top]

Advertisement

 


रायपुर, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा रायपुर क्षेत्रांतर्गत संचालित औद्योगिक इकाइयों के पर्यावरणीय अनुपालन की नियमित निगरानी की जा रही है। मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा जल एवं वायु प्रदूषणकारी उद्योगों का औचक निरीक्षण कर पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के विरुद्ध वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 एवं जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है।

क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के अंतर्गत रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद एवं गरियाबंद जिलों में स्थापित उद्योगों के विरुद्ध जनवरी 2025 से मई 2026 की अवधि में व्यापक कार्रवाई की गई। इस दौरान कुल 94 प्रदूषणकारी उद्योगों को नोटिस जारी किए गए तथा 82 उद्योगों के विरुद्ध उत्पादन बंद करने अथवा विद्युत विच्छेदन के निर्देश जारी किए गए।

इसी अवधि में 96 उद्योगों पर कुल 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार 125 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई। वहीं कच्चे माल, उत्पाद एवं ठोस अपशिष्टों का बिना तारपोलिन से ढंके परिवहन करने वाले 136 उद्योगों एवं संस्थानों पर 51 लाख 2 हजार 323 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई। इसके अतिरिक्त पूर्व अनुमति के बिना फ्लाई ऐश के अपवहन एवं डम्पिंग के मामलों में 2 उद्योगों पर 12 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई।

सिंगल-यूज प्लास्टिक पर भी सख्त कार्रवाई

भारत सरकार द्वारा अधिसूचित "Plastic Waste Management Amendment Rules, 2021" तथा राज्य शासन के "छत्तीसगढ़ प्लास्टिक और अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल सामग्री नियम, 2023" के तहत सिंगल-यूज प्लास्टिक एवं अन्य प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के विनिर्माण, भंडारण, विक्रय, परिवहन एवं उपयोग पर प्रतिबंध लागू है।

इस संबंध में जनवरी 2025 से मई 2026 तक क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा एक उद्योग का उत्पादन बंद कराते हुए 87 हजार 500 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई तथा संबंधित उद्योग के विरुद्ध न्यायालय में परिवाद भी दायर किया गया। एक अन्य उद्योग के विरुद्ध उत्पादन बंद करने के साथ 6 लाख 25 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई। इसके अलावा दो अन्य उद्योगों के विरुद्ध भी उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की गई।

No comments:

Post a Comment

Bottom Ad [Post Page]

Advertisement