नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश के करोड़ों आधार कार्ड धारकों को एक बड़ी राहत दी है। डिजिटल समावेशन और सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, UIDAI ने आधार कार्ड में ईमेल आईडी को जोड़ने (Link) और उसे संशोधित (Update) करने पर लगने वाले सेवा शुल्क को अस्थायी रूप से पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया है। आगामी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाली यह नई व्यवस्था अगले 6 महीनों तक निरंतर लागू रहेगी, जिसके तहत नागरिकों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।
₹75 का शुल्क पूरी तरह माफ, मोबाइल ऐप से मिलेगी सुविधा
वर्तमान नियमों के अनुसार, आधार रिकॉर्ड में अपनी ईमेल आईडी दर्ज या अपडेट कराने के लिए उपभोक्ताओं को ₹75 का निर्धारित शुल्क चुकाना पड़ता था। हालांकि, 1 जुलाई से शुरू हो रही इस विशेष छूट के बाद नागरिक इस डिजिटल सेवा का लाभ बिना किसी वित्तीय लागत के उठा सकेंगे।
प्राधिकरण ने इस प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाते हुए घोषणा की है कि यह पूरी प्रक्रिया आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से निष्पादित की जा सकेगी। इस कदम से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें बार-बार स्थानीय आधार सेवा केंद्रों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
महत्वपूर्ण समय-सीमा और उद्देश्य
UIDAI के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, निशुल्क ईमेल अपडेट की यह योजना 1 जुलाई 2026 से शुरू होकर आगामी दिसंबर 2026 तक यानी कुल 6 महीनों के लिए वैध रहेगी।
प्राधिकरण द्वारा शुल्क माफी का यह रणनीतिक निर्णय देश में सुरक्षित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए लिया गया है। UIDAI का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक नागरिक अपनी वैध ईमेल आईडी को आधार से लिंक करें, ताकि ऑनलाइन वेरिफिकेशन और अन्य आवश्यक नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं का वितरण तीव्र, पारदर्शी और पूरी तरह सुरक्षित तरीके से किया जा सके।
सुरक्षा और सुगमता: आधार से ईमेल आईडी लिंक करना क्यों है अनिवार्य?
बदलते डिजिटल परिदृश्य में आधार के साथ एक सक्रिय ईमेल आईडी का संबद्ध होना अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुका है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
ओटीपी प्रमाणीकरण: मोबाइल नेटवर्क न होने की स्थिति में ईमेल पर ओटीपी प्राप्त कर प्रमाणीकरण (Verification) प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सकता है।
त्वरित सूचनाएं: आधार प्रोफाइल में होने वाले किसी भी प्रकार के संपादन या अपडेट की आधिकारिक सूचना सीधे उपभोक्ता के ईमेल पर प्राप्त होती है।
सुरक्षा का अतिरिक्त कवच: यदि भविष्य में उपभोक्ता का पंजीकृत मोबाइल नंबर बंद या परिवर्तित हो जाता है, तो ईमेल आईडी एक वैकल्पिक और सुरक्षित संपर्क माध्यम के रूप में कार्य करती है।
सरकारी व ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच: विभिन्न सरकारी पोर्टलों और ऑनलाइन दस्तावेजों (जैसे डिजीलॉकर) के सुचारू संचालन में यह लिंकिंग मददगार साबित होती है।
अतः, जिन कार्ड धारकों ने अभी तक अपने आधार में ईमेल आईडी दर्ज नहीं कराई है अथवा जो अपनी पुरानी ईमेल आईडी को संशोधित करना चाहते हैं, उनके लिए 1 जुलाई से प्रारंभ हो रही इस समयबद्ध मुफ्त सुविधा का उपयोग करना एक बेहतरीन और लागत-बचत अवसर है, जिससे ₹75 की बचत के साथ-साथ रिकॉर्ड भी अपडेट रहेगा।
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