सोशल मीडिया से शुरू हुआ सफर और पारिवारिक रजामंदी
यह पूरा मामला रतलाम जिले के रहने वाले आकाश जाट और साक्षी नकुम से जुड़ा है। दोनों की बातचीत पहली बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर संदेशों के जरिए शुरू हुई थी। करीब छह महीने तक चली इस दोस्ती के बाद दोनों ने नजदीकियां बढ़ने पर 20 नवंबर 2022 को इंदौर के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया। इसके बाद दोनों के परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार किया और 13 दिसंबर 2022 को पूरे रीति-रिवाज व सामाजिक मान्यताओं के साथ दोबारा उनकी शादी कराई गई।
गंभीर बीमारी के बाद रिश्ते में दरार और दूसरा विवाह
वैवाहिक जीवन की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन शादी के लगभग चार महीने बाद आकाश को गले का कैंसर (Throat Cancer) होने का पता चला। गंभीर बीमारी की पुष्टि होते ही पत्नी के व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया। आकाश का आरोप है कि संकट के समय साथ निभाने के बजाय साक्षी ने उनसे दूरी बना ली और उन्हें बेसहारा छोड़ दिया। इसके बाद, कानूनी रूप से विवाह विच्छेद किए बिना ही साक्षी ने 10 जून 2024 को छतरपुर जिले के एक युवक से दूसरी शादी कर ली। इस दूसरे विवाह से उनकी एक बेटी भी है।
न्यायालय ने खारिज की थी विवाह विच्छेद की अर्जी
विवाद बढ़ने पर साक्षी ने पहले महिला थाने में आकाश के खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी और साथ ही कुटुंब न्यायालय में तलाक (विवाह विच्छेद) के लिए याचिका भी दायर की थी। हालांकि, अदालत ने मामले के तथ्यों को देखते हुए करीब तीन महीने पहले 18 अप्रैल को साक्षी की ओर से दाखिल की गई विवाह विच्छेद की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया था।
अदालत की अवहेलना पर बीएनएस के तहत वारंट जारी
कुटुंब न्यायालय से राहत न मिलने के बाद पीड़ित पति आकाश जाट ने रतलाम के न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में कानूनी परिवाद दायर किया। अदालत ने मामले के शुरुआती साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 82(1) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद साक्षी को अदालत में पेश होने के लिए कई बार समन भेजे गए, लेकिन वह एक बार भी कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हुईं। लगातार कानूनी आदेशों की अनदेखी करने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए साक्षी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है और उन्हें 25 जुलाई को न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है।
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