शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से संबंधित कानूनों की जानकारी प्रदान करना तथा समाज में विधिक चेतना का प्रसार करना था।
कार्यक्रम में अधिकार मित्र धनबती कोर्राम के द्वारा छात्राओं को पॉक्सो अधिनिमय, 2012, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, महिला संरक्षण संबंधी कानून, साइबर अपराध एवं साइबर सुरक्षा, गुड टच बैड टच, शिक्षा का अधिकार, नालसा एवं सालसा द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता योजना तथा बच्चों एवं महिलाओं के अधिकारों के संबंध में सरल एवं व्यवहारिक जानकारी दी गई। साथ ही छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार के शारीरिक, मानसिक अथवा यौन उत्पीड़न की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, छात्रावास अधीक्षिका, शिक्षकों या पुलिस को इसकी सूचना दें। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं अन्य सहायता सेवाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव तथा डिजिटल माध्यमों में सतर्क रहने के उपाय भी बताए गए।
कार्यक्रम के अंत में छात्रावास अधीक्षिका ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव द्वारा छात्राओं के हित में आयोजित इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं में आत्मविश्वास, कानूनी जागरूकता एवं सुरक्षा की भावना विकसित करने में अत्यंत सहायता सिद्ध होते है। अंत में उपस्थित सभी छात्राओं से प्राप्त विधिक जानकारी को अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों तक पहुँचाने का आव्हान किया।
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