कार्यक्रम में सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक संस्कृति विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन, फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन तथा सिंधी अकादमी की अध्यक्षा श्रीमती सुषमा जैदानी के हाथों हितग्राहियों एवं दिवंगत कलाकारों के परिजनों को प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कला और साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए युवा पीढ़ी को उनकी परंपरा आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
संस्कृति विभाग के सचिव एस. भारतीदासन ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ लोककला, लोक साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। कलाकारों और साहित्यकारों ने अपने जीवनभर समाज को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने का कार्य किया है। ऐसे में उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए संचालित योजनाएं न केवल कलाकारों का मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे ने कहा कि संस्कृति विभाग का उद्देश्य केवल कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा, सृजनशीलता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि ‘कलाकार कल्याण कोष योजना’ और ’अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति योजना’ वरिष्ठ कलाकारों के सम्मान और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन योजनाओं से प्रेरित होकर अधिक से अधिक युवा कला और साहित्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे तथा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
इस अवसर पर डॉ. एस. भारतीदासन, सचिव संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन, डॉ. संजय कन्नौजे संचालक संस्कृति विभाग, सुश्री मोना सेन अध्यक्षा फिल्म विकास निगम, श्रीमती सुषमा जैदानी, अध्यक्षा सिंधी अकादमी तथा डॉ. अभिलाषा बेहार सचिव छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, कलाकार, साहित्यकार तथा दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजन उपस्थित रहे।
संस्कृति विभाग की यह पहल राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान तथा युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती है। कलाकार कल्याण कोष योजना और छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन कला और साहित्य की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने, कलाकारों को सम्मानजनक सहयोग उपलब्ध कराने तथा प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
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