कार्यक्रम में आत्महत्या के चेतावनी संकेतों, जोखिम कारकों तथा समय पर परामर्श और उपचार के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला को अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहरी श्वास, रिलैक्सेशन एक्सरसाइज, माइंडफुलनेस तथा समूह गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे जवानों को ड्यूटी के दौरान तनाव नियंत्रित करने के व्यावहारिक उपाय सीखने का अवसर मिला।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों का मानसिक रूप से स्वस्थ एवं सशक्त होना उनकी कार्यक्षमता, अनुशासन तथा व्यक्तिगत जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में जवानों ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यशाला में 10वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, सूरजपुर के असिस्टेंट कमांडेंट सुधीर कुजूर, बी. पी. सिंह, श्रीमती कविता ठाकुर, हेड कांस्टेबल अशोक साहू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों का मानसिक रूप से स्वस्थ एवं सशक्त होना उनकी कार्यक्षमता, अनुशासन तथा व्यक्तिगत जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में जवानों ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यशाला में 10वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, सूरजपुर के असिस्टेंट कमांडेंट सुधीर कुजूर, बी. पी. सिंह, श्रीमती कविता ठाकुर, हेड कांस्टेबल अशोक साहू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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