जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज के विरोध में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी एकता मिशन के जिलाध्यक्ष देवेंद्र मैरिषा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश का युवा आज सड़कों पर उतरने को मजबूर है।
मैरिषा के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बेहद बर्बरता से लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने और जवाबदेही से बचने के लिए पुलिस बल का सहारा ले रही है। दोषी पुलिस अधिकारियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
भीम आर्मी की प्रमुख मांगें
आर्थिक सहायता: नीट पेपर लीक विवाद के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
दोषियों पर एक्शन: आंदोलनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर जांच बैठाई जाए।
पारदर्शी परीक्षा प्रणाली: देश में ऐसी पुख्ता व्यवस्था बने जिससे भविष्य में कभी कोई पेपर लीक न हो सके।
देशव्यापी आंदोलन का असर
भीम आर्मी के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन किसी एक शहर तक सीमित नहीं है। संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर देशभर में कार्यकर्ता मैदान में हैं। आजाद खुद संसद भवन के बाहर छात्रों के हक में धरने पर बैठे हैं। संगठन का कहना है कि जब तक देश के लाखों परीक्षार्थियों को न्याय और एक सुरक्षित भविष्य का भरोसा नहीं मिलता, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
खबरें नहीं सच का प्रहार


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