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टोक्यो। भारत की स्टार शटलर और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने जापान ओपन का खिताब जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। रविवार, 19 जुलाई को खेले गए खिताबी मुकाबले में उन्होंने घरेलू स्टार और तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे सेटों में 21-17, 21-17 से शिकस्त दी। इस धमाकेदार जीत के साथ ही सिंधु ने दो साल से भी अधिक समय के खिताबी सूखे को खत्म किया है। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाली देश की पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं।

कोर्ट पर दिखा आक्रामक खेल और संयम

फाइनल मैच में 31 साल की सिंधु बेहद शानदार लय में नजर आईं। उन्होंने मैच की शुरुआत से ही यामागुची पर दबाव बनाए रखा। सिंधु ने मुकाबले में न सिर्फ लगातार आक्रामक शॉट खेले, बल्कि बेहतरीन रणनीतिक अनुशासन का भी परिचय दिया। खेल के दौरान कई ऐसे नाजुक मोड़ आए जहां दबाव बढ़ सकता था, लेकिन भारतीय स्टार ने गजब का संयम दिखाते हुए मैच को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा और जीत दर्ज की।

सात साल का लंबा इंतजार हुआ खत्म

पूर्व वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु के लिए यह खिताबी जीत बेहद मायने रखती है। दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल टूर्नामेंट जीतने के बाद यह उनका पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब है। इसके अलावा, सिंधु पिछले सात सालों से कोई सुपर 750 या उससे ऊपर के स्तर का टूर्नामेंट नहीं जीत पाई थीं, जो मलाल अब दूर हो गया है। इस खिताबी जीत ने उनके हौसले को एक नई उड़ान दी है।

साल 2019 के बाद सबसे बड़ी कामयाबी

बैडमिंटन सर्किट में इस खिताबी जीत को बेहद अहम माना जा रहा है। साल 2019 में जब सिंधु ने विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक अपने नाम किया था, उसके बाद से यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खिताबी सफलता है। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से सिंधु ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह बड़े मंचों की बड़ी खिलाड़ी हैं।

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