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जुलाई का महीना खत्म होते ही अगस्त 2026 की शुरुआत के साथ कई नए नियम लागू होने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी के बजट, लोन की EMI और रोजाना के खर्चों पर पड़ेगा। 1 अगस्त से देश में तेल कंपनियों द्वारा LPG cylinder price की समीक्षा से लेकर बैंकिंग और टैक्स के नियमों तक बहुत कुछ बदलने वाला है।

LPG cylinder price: राहत मिलेगी या बढ़ेगा दाम?

हर महीने की पहली तारीख को सरकारी तेल कंपनियां गैस सिलेंडरों के दामों की समीक्षा करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर अमेरिका-ईरान तनाव का असर देखा जा रहा था। अब वैश्विक हालात थोड़े सामान्य होने के बाद माना जा रहा है कि अगस्त में LPG cylinder price में कटौती हो सकती है। अगर कीमतें घटती हैं, तो महंगाई से परेशान रसोई बजट को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।

कर्ज सस्ता होगा या महंगा? Reserve Bank की बैठक पर टिकी निगाहें

तीन से पांच अगस्त के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक होनी है। इस बैठक में रेपो रेट को लेकर फैसला लिया जाएगा।

  • EMI पर असर: रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर आपके होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की किस्त (EMI) पर पड़ेगा।

  • FD की ब्याज दरें: बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज को भी इस फैसले के आधार पर रिवाइज कर सकते हैं।

ITR फाइलिंग और शेयर बाजार के नए अपडेट

नौकरीपेशा लोगों के लिए 31 जुलाई तक बिना पेनाल्टी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने का समय था। अब 1 अगस्त से विलंब शुल्क देना होगा।

वार्षिक आय के आधार पर देरी से ITR भरने पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की लेट फीस लगेगी।

वहीं छोटे कारोबारियों और फ्रीलांसर्स (ITR-3, ITR-4) के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त तय है। इसके बाद धारा 234F के तहत भारी ब्याज देना पड़ेगा।

शेयर बाजार की बात करें तो सेबी (SEBI) 1 अगस्त से ओपन मार्केट शेयर बायबैक का रास्ता फिर से खोल रहा है। कंपनियां अपनी पेड-अप कैपिटल और फ्री रिजर्व का अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा बायबैक कर सकेंगी। इसके अलावा 12 अगस्त को MSCI ग्लोबल इंडेक्स की समीक्षा भी प्रस्तावित है।

बैंकिंग चार्जेस और GST ई-वे बिल के कड़े नियम

1 अगस्त 2026 से जीएसटी नेटवर्क (GSTN) ने ई-वे बिल प्रणाली में 'शिप-टू' वाले हिस्से का GSTIN देना अनिवार्य कर दिया है। ई-इन्वॉइस जनरेट होने के बाद चालान में कोई संशोधन संभव नहीं होगा।

दूसरी तरफ, बैंक भी सर्विस चार्ज बढ़ा रहे हैं। मसलन, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने हर SMS अलर्ट पर 30 पैसे का चार्ज लगाने की घोषणा की है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अपने-अपने बैंकों के नए शुल्क चार्ट की जांच समय रहते कर लेनी चाहिए।

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