रायगढ़, छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस को सहारा इंडिया निवेश घोटाले में बड़ी सफलता मिली है। पिछले तीन साल से चकमा दे रहे आरोपी ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी कोतरारोड़ इलाके में स्थित अपने ससुराल आया हुआ है। खबर पक्की होते ही सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से कंपनी के कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए हैं। अदालत में पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
3,848 निवेशकों के 40.78 करोड़ रुपये हड़पे
यह पूरा मामला साल 2022 का है। दर्जनों पीड़ित निवेशकों ने सिटी कोतवाली थाने पहुँचकर सहारा इंडिया के अफसरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। निवेशकों का कहना था कि मैच्योरिटी की अवधि पूरी होने के बावजूद उनकी जमा पूंजी वापस नहीं की जा रही।
पुलिसिया छानबीन में जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया:
कुल प्रभावित निवेशक: 3,848 लोग
ठगी गई कुल राशि: ₹40,78,16,739 (40 करोड़ 78 लाख से अधिक)
मोडस ऑपरेंडी: अलग-अलग फर्जी या समानांतर सहकारी समितियों के नाम पर बॉन्ड जारी कर लोगों की गाढ़ी कमाई ऐंठी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
बाकी फरार आरोपियों पर भी कस रहा शिकंजा
रायगढ़ पुलिस सहारा इंडिया घोटाले में शामिल अन्य चेहरों की तलाश तेजी से कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी बंद नहीं हुई है। इससे पहले भी पुलिस कार्रवाई करते हुए कंपनी के कई आला अधिकारियों और एक रीजनल मैनेजर को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
खबरें नहीं सच का प्रहार



No comments:
Post a Comment