UP/गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र अंतर्गत भीम नगर में सोमवार रात दिल नहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां संपत्ति के बंटवारे और शराब की लत के चलते दो बेटों ने अपने ही माता-पिता की निर्मम हत्या कर दी। मृतकों की पहचान 55 वर्षीय कर्मयोगी गंगाशरण और उनकी 52 वर्षीय पत्नी विमलेश के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपी बेटों को हिरासत में ले लिया है।
जन्मदिन के कीर्तन के बाद पसरा खूनी सन्नाटा
भीम नगर गली नंबर 10 स्थित मकान में सोमवार शाम का माहौल काफी भक्तिमय था। छोटे बेटे ललित के जन्मदिन के अवसर पर घर में कीर्तन आयोजित किया गया था। दिनभर कर्मयोगी गंगाशरण अपने अखबार और दूध वितरण के काम में व्यस्त रहे और शाम को पड़ोसियों से भी सामान्य रूप से मिले। कीर्तन समाप्त होने के बाद जब मेहमान और बाहरी लोग चले गए, तब घर में केवल परिवार के सदस्य ही बचे थे।
किसी को इस बात का भान तक नहीं था कि जिस घर में कुछ देर पहले मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां कुछ ही घंटों बाद इतनी बड़ी त्रासदी हो जाएगी।
संपत्ति बेचने के दबाव और शराब की लत ने ली जान
पुलिस की प्राथमिक पड़ताल में सामने आया है कि बड़ा बेटा 35 वर्षीय दीपक उर्फ विक्की और छोटा बेटा 32 वर्षीय ललित (जो अपनी पत्नी-बच्चों के साथ प्रताप विहार में किराए पर रहता है) दोनों पेशे से चालक हैं और शराब पीने के गंभीर आदी हैं। दोनों भाई अपने पिता पर मकान बेचकर हिस्से के पैसे देने का दबाव बना रहे थे। वहीं गंगाशरण अपनी खून-पसीने की कमाई से बनाए इस आशियाने को बेचने के सख्त खिलाफ थे।
इसी वजह से घर में आए दिन झगड़े होते रहते थे। मृतका की बेटी ने आरोप लगाया है कि दोनों भाई पैसों के लिए अक्सर माता-पिता के साथ मारपीट करते थे। उसने दोनों आरोपियों को सख्त से सख्त कानूनी सजा दिलाने की मांग की है।
रास्ते बंद कर रची गई खौफनाक साजिश
सोमवार रात लगभग 10 बजे मकान की पहली मंजिल पर रहने वाले किराएदार जगबीर को नीचे से चीख-पुकार सुनकर अनहोनी का अंदेशा हुआ। घर के मुख्य द्वार, मवेशियों वाले कमरे और जीने (सीढ़ियों) के दरवाजे अंदर से बंद थे। जगबीर द्वारा पूछने पर आरोपी ललित ने बाहर से ही कहा कि "कुछ नहीं हुआ है, पापा सो गए हैं।" जगबीर को जब दाल में कुछ काला लगा, तो उन्होंने बिना देर किए डायल-112 पर पुलिस को सूचित किया।
रात करीब 10:20 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची। चाबी न होने का बहाना बनाने पर पुलिस ने आरोपियों से हथौड़े से ताला तुड़वाया। अंदर का दृश्य सिहरन पैदा करने वाला था—कमरे में हर तरफ खून के धब्बे थे और संघर्ष के निशान मौजूद थे। गंगाशरण और विमलेश लहूलुहान हालत में बेसुध पड़े थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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