सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुश्री समीक्षा जायसवाल ने प्रशिक्षण के दौरान तैयार किए गए पोस्टर एवं गतिविधियों का अवलोकन कर प्रतिभागियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण किशोरियों के साथ-साथ किशोर बालकों के समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए भी उपयोगी हैं। उन्होंने अधीक्षिकाओं से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को छात्रावासों की छात्राओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं तथा उन्हें अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानने के लिए प्रेरित करें, जिससे वे बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उच्च शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम में बलरामपुर, शंकरगढ़, कुसमी एवं रामचंद्रपुर के मंडल संयोजकों सहित रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट के प्रतिनिधि शैलेन्द्र कुमार भारद्वाज, सुश्री दीपा पटेल तथा संबंधित अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। राज्य में किशोरियों के सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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